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इन दुर्लभ बीमारियों में अक्सर नहीं दिखते लक्षण, लेकिन बन सकती हैं जानलेवा, दुनियाभर में फैली हैं ये रेयर डिजीज

 Written By: Bharti Singh @bhartinisheeth
 Published : Feb 27, 2025 07:18 pm IST,  Updated : Feb 27, 2025 07:18 pm IST

Rare Disease Day 2025: दुनियाभर में ऐसी कई दुर्लभ बीमारियां हैं जो बहुत कम लोगों में देखी जाती हैं। डराने वाली बात ये है कि इन बीमारियों के लक्षण भी कई बार नजर नहीं आते हैं। जानिए ऐसी ही 5 रेयर डिजीज के बारे में।

Rare Disease Day 2025- India TV Hindi
Rare Disease Day 2025 Image Source : FREEPIK

आपने हार्ट की बीमारी, कैंसर, डायबिटीज और लिवर की बीमारियों के बारे में तो सुना होगा। लेकिन ऐसी भी कई बीमारियां हैं जिनके आपने नाम तक नहीं सुने होंगे। इन बीमारियों को रेयर डिजीज यानि दुर्लभ बीमारी करते हैं। इस तरह की बीमारियां दुनिया में बहुत कम लोगों को होती हैं। यही वजह है कि कई बार ऐसी बीमारियों का सही इलाज भी नहीं मिल पाता है। इन बीमारियों को खतरनाक स्थिति में पहुंचाते हैं इनके साइलेंट लक्षण। जी हां कई बीमारियों में लक्षण या तो देरी से आते हैं या फिर इन्हें समझ पाना मुश्किल होता है। 

सेंटर ऑफ डिजीज कंट्रोल और प्रिवेंशन के मुताबित ये रेयर डिजीज के कई प्रकार की हो सकती हैं। दुनिया भर में लगभग 7,000 से ज़्यादा ऐसी दुर्लभ बीमारियां हैं जो करीब 400 मिलियन लोगों को  हैं। इनमें से 80% बीमारियां आनुवंशिक कारणों से होती हैं और 50% बच्चों को प्रभावित करती हैं। इनमें से सिर्फ 5 प्रतिशत रेयर डिजीज का कोई इलाज है।

दुनिया में कौन सी रेयर डिजीज हैं?

  1. थैलेसीमिया- थैलेसीमिया एक तरह का जेनेटिक ब्लड डिसऑर्डर है। जिसनें शरीर में जरूरत के हिसाब से हीमोग्लोबिन नहीं बन पाता है। ऐसी स्थिति में शरीर में रेड ब्लड सेल्स की कमी होने लगती है। जिससे खून कम हो जाता है। इससे बच्चों के विकास पर बुरा असर पड़ता है।

  2. डाउन सिंड्रोम- डाउन सिंड्रोम में बच्चा अगर अतिरिक्त 21 क्रोमोसोम के साथ पैदा होता है तो बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास पर इसका असर पड़ता है। ये एक रेयर डिजीज है। पिछले कुछ सालों में डाउन सिंड्रोम के मामले काफी बढ़े हैं।

  3. सिकल सेल एनीमिया- ये ब्लड डिसऑर्डर है जो जेनेटिक रेड ब्लड सेल डिसऑर्डर है। इसमें रेड ब्लड सेस्स कम होने लगते हैं जिससे शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने में परेशानी होती है। आम तौर पर फ्लेक्जिबलए राउंड ब्लड सेल्स आसानी से ब्लड वेसेल्स में तैर पाते हैं। लेकिन सिकल सेल एनीमिया में रेड ब्लड सेल्स का आकार खराब हो जाता है। जिससे ब्लड वेसल्स में ब्लॉकेज होने लगती है। 

  4. हिड्राडेनाइटिस सप्यूरेटायवा- ये एक दुर्लभ बीमारी है जिसमें शरीर के अलग अलग हिस्सों में बम्प्स होने लग जाते हैं। यह बम्प्स कई बार काफी दर्दनाक भी हो सकते हैं। महिलाओं में ये बीमारी ज्यादा होने की संभावना रहती है।

  5. पेम्फिगस- ये एक ऑटोइम्यून स्किन डिजीज है, जिसमें गले, मुंह या जेनिटल एरिया में घाव बन जाते हैं। ब्लिस्टर हो सकते हैं। किसी भी उम्र के लोगों को ये बीमारी हो सकती है। इस स्किन डिजीज का कोई स्थाई इलाज नहीं है। ट्रीटमेंट से सिर्फ इसे फैलने से रोका जा सकता है।

(ये आर्टिकल सामान्य जानकारी के लिए है, किसी भी उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें)

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