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फाइबर शरीर के लिए क्यों है जरूरी, जानिए रोज की थाली में कितनी होनी चाहिए फाइबर की मात्रा?

 Written By: Pankaj Kumar Edited By: Bharti Singh
 Published : Jun 29, 2026 12:20 pm IST,  Updated : Jun 29, 2026 12:20 pm IST

थाली में रेशा का बहुत महत्व है। रेशे यानि फाइबर शरीर के बेहतर फंक्शन के लिए जरूरी हैं। सही फाइबर पेट से दिल तक, शुगर से वजन तक और गट से ब्रेन तक पूरे शरीर की सेहत का पावरहाउस है। जानिए 1 दिन में कितना फाइबर खाना चाहिए?

फाइबर से भरपूर भोजन- India TV Hindi
फाइबर से भरपूर भोजन Image Source : INDIA TV

कभी हमारी देसी थाली में चना था, जौ-बाजरा था, दालें थीं, मोटे अनाज थे। मतलब फाइबर अपने आप आ जाता था, लेकिन आज प्लेट में मैदा, चीनी, पैकेट वाले  स्नैक्स और प्रोसेस्ड फूड बढ़ गए हैं। नतीजा पेट फूलना, सुस्ती, कब्ज और मेटाबॉलिक बीमारियां जकड़ रही हैं। इन दिनों सोशल मीडिया पर नया ट्रेंड चल पड़ा है 'फाइबर-मैक्सिंग' यानी थाली में फाइबर को मैक्सिमम करना। डॉक्टर्स और डाइटीशियन भी कह रहे हैं कि शरीर को रोज करीब 30 से 40 ग्राम फाइबर चाहिए, लेकिन ज्यादातर भारतीय मुश्किल से करीब 15 ग्राम तक ही पहुंच पाते हैं।

फाइबर कितने तरह का होता है?

घुलनशील फाइबर- खाने में रेशे वाली चीजें यानी फाइबर, जो पेट का सबसे अच्छा दोस्त है वो दो तरह का होता है। पहला Soluble fiber यानि घुलनशील फाइबर जो पानी में घुलकर जेल जैसा बनता है। ये पेट को देर तक भरा रखता है, शुगर को अचानक बढ़ने से रोकता है और खराब कोलेस्ट्रॉल कम करने में मदद करता है। 

अघुलनशील फाइबर- इसे पेट की नेचुरल झाड़ समझिए। ये कब्ज से बचाता है और आंतों को साफ रखने में मदद करता है। साबुत अनाज, गेहूं का चोकर, हरी पत्तेदार सब्जियां, फल और छिलके वाली सब्जियां इसमें काम आती हैं। फाइबर सिर्फ पेट का मामला नहीं है। ये दिल की सुरक्षा करता है, ब्लॉकेज और हाई कोलेस्ट्रॉल का रिस्क कम करता है। ब्लड शुगर को धीरे-धीरे रिलीज करता है, जिससे पैंक्रियाज पर इंसुलिन का दबाव कम पड़ता है। 

फाइबर क्या काम करता है?

सबसे बड़ी बात फाइबर आंतों के अच्छे बैक्टीरिया का खाना है। ये गट माइक्रोबायोम दिमाग तक पॉजिटिव सिग्नल भेजता है। तनाव, बेचैनी, मूड और इम्युनिटी तक पर असर डालता है। वजन कंट्रोल में भी मदद करता है, क्योंकि इसे खाकर देर तक पेट भरा रहता है। लेकिन 'फाइबर-मैक्सिंग' का मतलब अति नहीं है। अचानक बहुत ज्यादा फाइबर खाने से गैस, पेट फूलना, मरोड़ और भारीपन हो सकता है। पानी कम पीने पर कब्ज भी बढ़ सकता है। इसलिए फाइबर धीरे-धीरे बढ़ाइए। 

रोज की थाली में कितना फाइबर होना चाहिए?

 आहार      फाइबर 
 2 रोटी (गेहूं+चोकर)    4 ग्राम
1 कटोरी मसूर दाल  4 ग्राम
1 सेब      4 ग्राम
 1 अमरूद  5 ग्राम
1 कटोरी चना सलाद 6 ग्राम
सब्जियां 3-4 ग्राम
कुल  26-28 ग्राम फाइबर

फाइबर वाले देसी सुपर फूड

इसके लिए आपको खाने में चना, राजमा, लोबिया, बाजरा, अमरूद, नाशपाती, कटहल, सहजन जैसी चीजों का सेवन करना चाहिए। इन चीजों से शरीर को आवश्यक फाइबर मिल जाता है। इसके अलावा मैदा छोड़ें चोकर से बनी चीजें खाएं। छिलके वाली दालों को थोली में जगह दें। खाने से पहले सलाद खाएं और खूब पानी पीएं।

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)

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