एंकिलॉजिंग स्पॉन्डिलाइटिस (Ankylosing Spondylitis) एक ऑटोइम्यून बीमारी है। इस रोग में रीढ़ की हड्डी आगे की ओर झुकने लगती हैं। खराब बैठने की आदत के कारण यह समस्या सबसे ज्यादा होती है। इस रोग के शिकार सबसे ज्यादा युवा होते हैं।
स्वामी रामदेव के अनुसार कंप्यूटर में काम करते वक्त, टीवी देखते वक्त या फिर बैठ कर कोई भी काम करते हैं तो हम अपनी कमर को झुकाकर और गर्दन को नीचे करके करते हैं। जिसके कारण हमारी रीढ़ की हड्डी पर अधिक प्रभाव पड़ता है। ऐसे में 'एंकिलॉजिंग स्पॉन्डिलाइटिस' की समस्या होना आम है। इसलिए हमेशा रीढ़ की हड्डी को सीधा करके बैठे। एंकिलॉजिंग स्पॉन्डिलाइटिस की समस्या से निजात पाने के लिए योगासन मदद कर सकते हैं। इसके साथ-साथ कुछ घरेलू उपाय भी अपना सकते हैं।
एंकिलॉजिंग स्पॉन्डिलाइटिस के लिए योगासन
नियमित रूप से प्राणायाम के साथ इन योगासनों को करें। इन्हें करने से रीढ़ की हड्डी संबंधी हर समस्या से भी निजात मिल जाएगा।
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उष्ट्रासन- उष्ट्रासन शब्द का मतलब 'उष्ट्र' यानि ऊंट होता है। इस आसन में शरीर ऊंट की तरह लगता है। सेहत के लिए यह योगासन बहुत फायदेमंद होता है। इस आसन से आपकी रीढ़ की हड्डी लचीली और मजबूत होगी। इस आसन को ज्यादा उम्र के लोग नहीं कर पाते हैं।
मकरासन- संस्कृत में मकर का अर्थ मगरमच्छ होता है। इस आसन में शरीर मगरमच्छ के समान दिखता है इसलिए इसको मकरासन का नाम दिया गया है। इस आसन को करने से रीढ़ में खिंचाव आता है। जिससे आपकी रीढ़ की हड्डी मजबूत और लचीली बनती है। इस आसन को 25-50 बार करें।
भुजंगाासन- यह आसन रीढ़ की हड्डी के लिए सबसे बेस्ट माना जाता है। इसे 5 से 25 बार कर सकते हैं।
शलभासन- इस आसन को करने से आपकी कमर और पीठ मजबूत होती है।
मरकट आसन- इस आसन को करने से शुगर कंट्रोल होने के साथ-साथ कमर दर्द से निजात मिलता है। इसके साथ ही रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है। इसे कुछ सेकंड से कई मिनट कर सकते हैं।
अर्ध मुक्तासन- इस आसन को करने से सर्वाइकल, कमर दर्द के साथ साथ रीढ़ की हड्डी संबंधी समस्याओं से निजात मिलता है।
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एंकिलॉजिंग स्पॉन्डिलाइटिस के लिए घरेलू उपाय
- हमेशा सीधे बैठे।
- दूध में शीलाजीत और हल्दी डालकर पिएं।
- अश्वशीला कैप्सूल का सेवन करें।
- हरजोड़ की एक छोटी सी डाल लेकर पेस्ट बना लें और पानी के साथ इसका सेवन करें।
- एलोवेरा जूस पिएं
- गिलोय का सेवन भी फायदेमंद।
- खाली पेट 3 कली लहसुन का सेवन करना फायदेमंद साबित हो सकता है।
- 1 ग्राम शुद्धि गुग्गुल लेकर इसका सेवन कर सकते हैं। अगर ऐसे गु्ग्गुल नहीं मिल रहा है तो लाक्षादि गुग्गुल का सेवन कर सकते हैं।