World Arthritis Day 2022: इंसान के शरीर का पूरा ढांचा हड्डियों पर ही टिका है। ये हड्डियां ही हैं जो चलने-फिरने... उठने-बैठने... काम करने में मदद करती हैं... लेकिन फिर भी इनका ख्याल रखने को लेकर लोग ज़रा भी फिक्रमंद नहीं हैं। अगर नहीं हैं.. तो होना चाहिए.. उन्हें ये जानना चाहिए कि बोन्स की हेल्थ को लेकर उनका रवैया नहीं बदला तो अगले 10 साल में आर्थराइटिस भारत में चौथी सबसे बड़ी बीमारी होगी।
हर साल 14% नए आर्थराइटिस पेशेंट
इसकी बड़ी वजह है देश की 90% महिलाओं में विटामिन-डी की कमी है, जो हड्डियों के मेटाबॉलिज़्म के लिए बेहद ज़रूरी है। वैसे गठिया का रोग पहले बड़े-बुज़ुर्गों में देखा जाता था, लेकिन आर्थराइटिस अब तो युवाओं को भी अपना शिकार बना रहा है। इसके अलावा जैसा लाइफस्टाइल लोग जी रहे हैं...उसे देखते हुए कोई हैरानी नहीं कि देश में 18 करोड़ गठिया के मरीज़ आने वाले दिनों में डबल हो जाए, क्योंकि हर साल 14% नए आर्थराइटिस पेशेंट बन रहे हैं।
इन 6 आदतों से करें तौबा
लाइफस्टाइल ने तो शरीर का पूरा निजाम ही बिगाड़ रखा है। इससे जुड़ी 6 ऐसी आदतें हैं जो हड्डियों की सबसे बड़ी दुश्मन हैं: जैसे स्मोकिंग, फास्टफूड, नींद का खराब पैटर्न, मोटापा और फिज़िकल एक्टिविटी की कमी। ये बुरी आदतें महिला और पुरुष दोनों को तकरीबन बराबर हैं। तभी तो भारत में 47% महिलाएं और 40% पुरुष आर्थराइटिस के शिकार होते हैं। ज़्यादातर अपनी बीमारी से अंजान हैं, वो ये समझ ही नहीं पा रहे हैं कि गर्दन.. कमर.. कंधे.. घुटनों के जोड़ों में होने वाला दर्द हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ा देता है।
सर्दियों के मौसम में सावधानी की जरूरत
अब तो मौसम भी सर्द होना शुरू हो गया है। सुबह शाम हल्की ठंड में गठिया के मरीज़ों को और ज़्यादा सावधान रहने की ज़रूरत है। क्योंकि इस मौसम में वात दोष बढ़ जाता है। जिससे जोड़ों का दर्द ट्रिगर होता है और ज्वाइंट्स में सूजन-अकड़न बढ़ जाती है। वजह चाहे जो भी हो..अगर वक्त रहते बोन्स का ध्यान ना रखा जाए तो बुढ़ापा छोड़िए... यंग एज में भी रोज़मर्रा के काम करना दूभर हो जाएगा। इसलिए ज़रूरी है कि हड्डियों को ताकतवर बनाएं। आज वर्ल्ड आर्थराइटिस डे भी है... जो लोगों को इस बीमारी के बारे में अवेयर करने के लिए मनाया जाता है। तो चलिए आज इस खास दिन पर गठिया के रोग से मुक्ति पाने के लिए योगिक-आय़ुर्वेदिक उपाय जानते हैं...
आर्थराइटिस से सावधान
आर्थराइटिस भारत में
पुरुष 40%
महिलाएं 47%
हर 5 में से 1 पुरुष परेशान
हर 4 में से 1 महिला शिकार
खराब लाइफस्टाइल, हड्डियों का दुश्मन
गठिया का रोग, खतरे में ऑर्गन
गठिया के लक्षण, ज्वाइंट्स पेन
गठिया से जुड़े 7 मिथक
1. मिथक: सिर्फ बुढ़ापे में होता है 20-40
सच: 20-40 में भी होता है
2. मिथक: जोड़ों में दर्द सिर्फ गठिया से होता है
सच: चोट और वात दोष बढ़ने से भी होता है
3. मिथक: वर्कआउट नहीं करना चाहिए
सच: रोज़ एक्सरसाइज़ से दर्द में राहत
4. मिथक: दर्द से आराम में गर्म पट्टी फायदेमंद
सच: गर्म पट्टी से अकड़न दूर, ठंडी सिकाई से सूजन कम
5. मिथक: गठिया ठीक नहीं होता
सच: लाइफस्टाइल में बदलाव से रिकवरी मुमकिन
शरीर में 206 हड्डियां 360 ज्वाइंट्स, दर्द ना करें नज़रअंदाज़
इंसानी शरीर का ढांचा 206 हड्डियों और इन्हें जोड़ने वाले 360 ज्वाइंट्स पर टिका है। लेकिन फिर भी हम जोड़ों के दर्द को तब तक नज़रअंदाज़ करते हैं। जब तक उठने बैठने और चलने फिरने में परेशानी शुरू ना हो जाए।
आर्थराइटिस की मुख्य वजहें
हड्डियां मजबूत कैसे बनेंगी?
गठिया की बीमारी, यूथ पर क्यों भारी
गठिया दर्द, मिलेगा आराम
आर्थराइटिस में क्या खाएं
जोड़ों में दर्द , परहेज ज़रूरी
जोड़ों में दर्द, सावधान रहें
पीड़ातक तेल घर में बनाएं
मिलाकर अच्छी तरह से कूट लें, सरसों या तिल के तेल में उबालें, होममेड तेल से मसाज करें
गठिया से परेशान, रहें सावधान
गठिया से परेशान तो ध्यान रखें
आर्थराइटिस के लिए एक्यूप्रेशर
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