नई दिल्ली: विभिन्न बैंकों के करीब 149 कर्मचारी भ्रष्टाचार में कथित रूप से शामिल होने को लेकर केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) की जांच के घेरे में आये हैं। इसमें से 13 सफाईकर्मा समेत 124 कर्मचारी इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB) के कर्मचारी हैं।
आयोग के कामकाज की मासिक समीक्षा के अनुसार संबद्ध प्राधिकरण से इन कर्मचारियों के खिलाफ अभियोजन चलाने की अनुमति मांगी गयी है। ये 193 कर्मचारियों में शामिल हैं जो भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे हैं और जिनके खिलाफ सीवीसी ने अभियोजन चलाने की मंजूरी मांगी है।
अभियोजन चलाने के लिये 49 मामलों में मंजूरी की प्रतीक्षा है। इसमें 23 मामले सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से जुड़े हैं। बैंकों में 10 मामले आईओबी कर्मचारियों, तीन बैंक आफ इंडिया, दो स्टेट बैंक आफ पटियाला, एक-एक मामला ओरिएंटल बैंक आफ कॉमर्स, कारपोरेशन बैंक, एक्जिम बैंक, विजया बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, यूनाइटेड बैंक आफ इंडिया तथा बैंक आफ बड़ौदा से जुड़े हैं।