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देशभर के 2 लाख एटीएम महीने भर बाद ही आएंगे पटरी पर

 Written By: IANS
 Published : Nov 12, 2016 11:01 pm IST,  Updated : Nov 12, 2016 11:01 pm IST

खुले पैसे की समस्या से जूझ रहे आम आदमी की तकलीफें दूर होने में उम्मीद से अधिक समय लग सकता है, क्योंकि जारी किए गए 500 और 2,000 रुपये के नए नोटों के लिए देशभर के दो लाख एटीएम मशीनों को रीसेट करना होगा।

ATM machine- India TV Hindi
ATM machine

नई दिल्ली: दैनिक जरूरतें पूरी करने के लिए खुले पैसे की समस्या से जूझ रहे आम आदमी की तकलीफें दूर होने में उम्मीद से अधिक समय लग सकता है, क्योंकि जारी किए गए 500 और 2,000 रुपये के नए नोटों के लिए देशभर के दो लाख एटीएम मशीनों को रीसेट करना होगा। इसमें करीब महीने भर का समय लग सकता है।

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विशेषज्ञों का मानना है कि देशभर के एटीएम मशीनों को पहले नए नोटों के वजन, रूपाकार, डिजाइन और सुरक्षा मानकों के अनुरूप ढालना होगा। इतना ही नहीं सरकार ने 500 रुपये के नए नोट लाने के लिए कह तो दिया है, लेकिन अभी उन्हें जारी तक नहीं किया गया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इन सारी प्रक्रियाओं से गुजरते हुए देशभर के एटीएम मशीनों को पूरी तरह संचालित होने में एक महीने से अधिक समय लग सकता है। एटीएम मशीनें और उनमें नकदी रखने वाली ट्रे अब तक 100 रुपये और पुराने 500 तथा 1,000 रुपये के नोटों के अनरूप थीं।

विशेषज्ञों का कहना है कि चूंकि 500 और 2,000 रुपये के नए नोट पुराने नोटों के आकार-प्रकार से भिन्न हैं, इसलिए एटीएम मशीनों की ट्रे को उनके अनुरूप बनाना होगा और एटीएम मशीनों के सॉफ्टवेयर में भी बदलाव करना होगा।

दिल्ली में बैंककर्मी अनुज चौहान ने बताया कि किसी एटीएम मशीन को रीकन्फीगर करने के लिए एक तकनीशियन को खुद एटीएम मशीन जाना होगा और इस पूरी प्रक्रिया में किसी एक मशीन को रीकन्फीगर करने में चार घंटे का समय लग सकता है। इसका मतलब है कि देश भर की एटीएम मशीनों को रिकन्फीगर करने में आठ लाख घंटे लगेंगे।

अगर एक तकनीशियन एक दिन में दो एटीएम मशीनों को रीकन्फीगर कर पाता है तो देश भर की एटीएम मशीनों को 30 दिन में रीकन्फीगर करने के लिए ऐसे 4,000 तकनीशियनों की जरूरत पड़ेगी। इतनी बड़ी संख्या में तकनीशियनों को इकट्ठा करना भी चुनौती ही है।

अगर इस पूरी प्रक्रिया में स्वाभाविक विलंब और गड़बड़ियों को शामिल किया जाए तो इसका मतलब है कि बैंक और एटीएम मशीनों के बाहर लगी लंबी कतारें जल्द छोटी नहीं होने वालीं।

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