
जानिए, कैसे हुआ हादसा?
सिर्फ 15 मिनट के भीतर लहरों की रफ्तार बहुत ज्यादा बढ़ गई। पता चला कि पास के ही बकिया डैम से पानी छोड़ा गया है। सबसे बड़ी बात है कि पानी छोड़ने से पहले अलार्म बजाया जाता है। लेकिन यहां किसी तरह की चेतावनी तक नहीं दी गई। पुरवा फॉल के पास कोई सिक्योरिटी गार्ड तैनात नहीं था। साथ ही पिकनिक स्पॉट होने के बावजूद खतरे का कोई साइन बोर्ड नहीं था।
इसी वजह से किसी को एहसास तक नहीं हुआ कि पीछे से पानी मौत बनकर आ रहा है। जब तक लोग कुछ समझते पानी के बीच खड़े ये लड़के बड़ी मुसीबत में फंस चुके थे। आसपास कुछ और लोग खड़े थे। जो पिकनिक मनाने आए थे, लेकिन ये लोग चाहकर भी कुछ नहीं कर पाए। क्योंकि पानी की रफ्तार बहुत ज्यादा थी। इन्हीं तमाशबीनों में से किसी ने अपने मोबाइल कैमरे में ये तस्वीरें कैद कर लीं।
पुरवा फॉल में पानी करीब ढाई सौ फीट की ऊंचाई से नीचे गिरता है। वाटर फॉल के ऊपर खड़े होकर कई लोग सेल्फी लेते हैं। ये पांचों दोस्त यही सोचकर यहां आए थे, लेकिन सेल्फी का शौक इन पर भारी पड़ गया। फोटो खींचने के चक्कर में नदी के बीच चले गए। ऐसी जगह जहां से लहरों को पारकर वापस लौटना नामुमकिन सा हो गया।
हादसे के बाद पांचों दोस्तों की तलाश शुरू हुई। रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे कर्मचारी भी पानी में उतरने से डर रहे थे, क्योंकि बारिश की वजह से बहाव की रफ्तार बहुत ज्यादा थी। काफी तलाश के बाद उस लड़के का शव मिला। जो सबसे आगे था। बाकी लड़कों की तलाश के लिए हेलीकॉप्टर मंगाए गए।