1. You Are At:
  2. Hindi News
  3. भारत
  4. राष्ट्रीय
  5. दिल्ली के 81 प्रतिशत मतदाताओं को चुनाव के दौरान मिलीं फर्जी खबरें: सर्वे

दिल्ली के 81 प्रतिशत मतदाताओं को चुनाव के दौरान मिलीं फर्जी खबरें: सर्वे

दिल्ली विधानसभा चुनावों के दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए राष्ट्रीय राजधानी के 81 प्रतिशत मतदाताओं तक फर्जी खबरे पहुंचीं। गैर-लाभकारी संस्था सोशल मीडिया मैटर्स एंड इंस्टीट्यूट फॉर गवर्नेस, पॉलिसी एंड पॉलिटिक्स द्वारा कराए गए सर्वेक्षण में यह बात सामने आई है। 

IANS IANS
Published on: February 15, 2020 7:07 IST
दिल्ली के 81 प्रतिशत मतदाताओं को चुनाव के दौरान मिलीं फर्जी खबरें: सर्वे- India TV Hindi
दिल्ली के 81 प्रतिशत मतदाताओं को चुनाव के दौरान मिलीं फर्जी खबरें: सर्वे

नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा चुनावों के दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए राष्ट्रीय राजधानी के 81 प्रतिशत मतदाताओं तक फर्जी खबरे पहुंचीं। गैर-लाभकारी संस्था सोशल मीडिया मैटर्स एंड इंस्टीट्यूट फॉर गवर्नेस, पॉलिसी एंड पॉलिटिक्स द्वारा कराए गए सर्वेक्षण में यह बात सामने आई है। परिणामों से पता चला है कि गलत सूचना का प्रसार सबसे अधिक फेसबुक और व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म के माध्यम से किया गया।

सोशल मीडिया मैर्ट्स के फाउंडर अमिताभ कुमार ने एक बयान में कहा, "फर्जी खबरों की महामारी हमारे लोकतंत्र के बुनियादी ढांचे को खतरे में डाल रही है। जब मतदाता लगातार असंगत जानकारी की स्थिति में हैं, तो ऐसे में उनसे एक सुसंगत सोच की अपेक्षा कैसे की जा सकती है। एक राष्ट्र होने के नाते यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम इस पर अंत लगाएं।"

दिल्ली विधानसभा की 70 सीटों के लिए 8 फरवरी को मतदान हुए थे। 11 फरवरी को घोषित हुए नतीजों में आम आदमी पार्टी (आप) ने 62 सीटों पर जीत हासिल की। अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में मिली बड़ी जीत के बाद पार्टी एक बार फिर दिल्ली में सरकार बनाने जा रही है।

चुनावों पर सोशल मीडिया के माध्यम से फैलने वाली फर्जी खबरों का प्रसार, प्रवेश और प्रभाव जानने के लिए सर्वे 'दिल्ली-हैशटैग डोन्ट बी फूल' में 400 लोगों से बात की गई।

चुनाव से पहले फैली अफवाहों में यह भी शामिल था कि शाहीन बाग में महिलाओं को नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और प्रस्तावित नागरिकों के राष्ट्रीय रजिस्टर (एनआरसी) के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए भुगतान किया जा रहा है।

इसके अलावा प्रसिद्ध व्यक्तियों ने चुनाव से पहले कुछ ट्वीट भी किए जो गलत थे। उदहारण के तौर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने आप नेता अमानतुल्ला खान का एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने गलत दावा किया कि खान 'शरिया' कानून बनाने की बात कर रहे थे।

लेकिन, सर्वे में 60 फीसदी लोगों ने यह भी कहा कि उन्होंने खबरों पर सीधे विश्वास करने के बजाए इनकी सच्चाई जानने के लिए गूगल, ट्विटर, फेसबुक जैसे मंचों का सहारा लिया।

कोरोना से जंग : Full Coverage

India TV पर देश-विदेश की ताजा Hindi News और स्‍पेशल स्‍टोरी पढ़ते हुए अपने आप को रखिए अप-टू-डेट। Live TV देखने के लिए यहां क्लिक करें। National News in Hindi के लिए क्लिक करें भारत सेक्‍शन
Write a comment
X