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दिल्ली में 'हिंदू-मुसलमान' से हारे, बिहार-बंगाल में राष्ट्रवाद के सहारे; दिया ‘हर काम देश के नाम’ का नारा

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Feb 13, 2020 12:30 pm IST,  Updated : Feb 13, 2020 12:30 pm IST

दिल्ली में हिंदू-मुसलमान से हारे और अब राष्ट्रवाद के सहारे। ये है बीजेपी का नया प्लान जिसके ज़रिए अब वो बंगाल और बिहार जीतने की तैयारी कर रही है।

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दिल्ली में 'हिंदू-मुसलमान' से हारे, बिहार-बंगाल में राष्ट्रवाद के सहारे; दिया ‘हर काम देश के नाम’ का नारा

नई दिल्ली: दिल्ली में हिंदू-मुसलमान से हारे और अब राष्ट्रवाद के सहारे। ये है बीजेपी का नया प्लान जिसके ज़रिए अब वो बंगाल और बिहार जीतने की तैयारी कर रही है। दरअसल बीजेपी ने एक नए प्रचार अभियान की शुरुआत करने का ऐलान किया है जिसका स्लोगन होगा हर काम देश के नाम। 

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इस अभियान के तहत जनता तक केंद्र सरकार के विकास कार्यों को पहुंचाया जाएगा। सरकार की उपलब्धियां गिनाई जाएंगी। साथ ही सरकारी योजनाओं के फायदे बताए जाएंगे। बीजेपी का ये अभियान 15 फरवरी से 31 मार्च यानी क़रीब डेढ़ महीने चलने वाला है। इसके लिए सभी मंत्रालयों को अपने कामकाज का ब्योरा तैयार करने का निर्देश दे दिया गया है।

बता दें कि दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान बयानों के जरिए बीजेपी ने सांप्रदायिक ध्रुवीकरण करने और राष्ट्रवाद का मुद्दा भी बनाने की कोशिश की थी। चुनाव से 15 दिन पहले गृह मंत्री अमित शाह ने प्रचार की कमान संभाली और कई केंद्रीय नेताओं स्मृति ईरानी, राजनाथ सिंह, प्रकाश जावडेकर और हरदीप पुरी समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने रैलियां कीं जिनमें योगी आदित्यनाथ ने खास तौर पर शाहीन बाग का मुद्दा उठाया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी एक ही दिन में दो रैलियां कर हिंदू-मुस्लिम का नारा उछाला। देश को शाहीन बाग नहीं बनने देने की मांग भी कर डाली लेकिन इस मुद्दे पर ध्रुवीकरण की जितना उम्मीद बीजेपी कर रही थी, उतना हो नहीं पाया।

गौरतलब है कि दिल्ली की कुल 70 विधानसभा सीटों में से आम आदमी पार्टी 62 सीटें जीतने में कामयाब रही। वहीं बीजेपी को महज 8 सीटों पर संतोष करना पड़ा है। बीजेपी को पिछले चुनाव के मुकाबले पांच सीटों का फायदा हुआ है, तो आम आदमी पार्टी को इतनी ही सीटों का नुकसान उठाना पड़ा है।

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