नयी दिल्ली: पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो (BPRD) की प्रमुख ने आज कहा कि प्रशिक्षण सत्रों में बड़ा फासला होने के चलते कोई भी पुलिसकर्मी सामान्यत: 18 सालों में एक ही बार नवीनतम कानूनों एवं नियमों के बारे मे जानकारी ले पाता है। गृह मंत्रालय के अंतर्गत आने वाला BPRD पुलिस प्रणाली से जुड़े मुद्दों पर काम करने वाला राष्ट्रीय नोडल विभाग है।
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BPRD की महानिदेशक मीरान सी बोरवणकर ने यहां पुलिस प्रशिक्षण पर एक कार्यक्रम में कहा, हाल ही में हमने महसूस किया कि प्रशिक्षण में बड़ा फासला है। ब्यूरो द्वारा पुलिस संगठनों पर प्रकाशित आंकड़ा दर्शाता है कि वर्ष 2015 में देशभर में 73,000 पुलिस अधिकारियों की भर्तीं हुई लेकिन केवल 57,000 को ही प्रशिक्षण दिया जा सका।
बोरवणकर ने कहा, अतएव 16,000 पुलिसकर्मियों, जिनकी हमने भर्ती की, को मूलभूत प्रशिक्षण नहीं देने में एक फासला है। आंकड़ा यह भी दर्शाता है कि 22 लाख कर्मियों वाले पुलिस बल में हम केवल 1.4 लाख पुलिसकर्मियों को ही सेवा के दौरान प्रशिक्षण दे पाए जिसका मतलब है कि मुझे 18 साल में एक बार नवीनतम कानूनों, नियमों एवं विनिमयों के बारे में प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशिक्षकों का जज्बा उंचा बनाये रखना एक बड़ी चुनौती है।