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केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा, असम-मिजोरम की विवादित सीमा पर तटस्थ बलों की तैनाती पर बनी सहमति

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Jul 28, 2021 08:59 pm IST,  Updated : Jul 28, 2021 08:59 pm IST

गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि दोनों राज्य सरकारों ने राष्ट्रीय राजमार्ग 306 पर अशांत अंतरराज्यीय सीमा पर तटस्थ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की तैनाती के लिए सहमति व्यक्त की है। 

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असम-मिजोरम की अंशात सीमा पर तटस्थ केंद्रीय बलों को तैनात किया जाएगा। Image Source : PTI

नई दिल्ली: असम-मिजोरम की अंशात सीमा पर तटस्थ केंद्रीय बलों को तैनात किया जाएगा। दोनों राज्यों की सीमा पर संघर्ष में 5 पुलिसकर्मियों और एक नागरिक की मौत हो गई थी। अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला की अध्यक्षता में 2 घंटे तक चली बैठक में यह निर्णय लिया गया है जिसमें असम के मुख्य सचिव जिष्णु बरुआ और पुलिस महानिदेशक भास्कर ज्योति महंत तथा मिजोरम के उनके संबंधित समकक्षों लालनुनमाविया चुआंगो और एसबीके सिंह ने हिस्सा लिया।

सीमा पर CAPF की तैनाती के लिए सहमत हुए दोनों राज्य

गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि दोनों राज्य सरकारों ने राष्ट्रीय राजमार्ग 306 पर अशांत अंतरराज्यीय सीमा पर तटस्थ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की तैनाती के लिए सहमति व्यक्त की है। तटस्थ बल की कमान CAPF के एक वरिष्ठ अधिकारी के हाथ में होगी। इसके अलावा, बल के कामकाज को सुविधाजनक बनाने के लिए, दोनों राज्य सरकारें उचित समय सीमा में केंद्रीय गृह मंत्रालय के समन्वय से व्यवस्था करेंगी। अधिकारियों ने बताया कि गृह सचिव ने असम और मिजोरम के प्रतिनिधिमंडलों को यह भी बताया कि दोनों सरकारों को सीमा मुद्दे को सौहार्दपूर्ण तरीके से हल करने के लिए पारस्परिक रूप से चर्चा जारी रखनी चाहिए।

‘सीमा पर हर कोई शांति बनाए रखने की कोशिश करेगा’
असम और मिजोरम के बीच चल रहे सीमा संघर्ष को सुलझाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दोनों राज्यों के मुख्य सचिवों और पुलिस प्रमुखों को बुलाया था। बाद में, मिजोरम के मुख्य सचिव ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अंतरराज्यीय सीमा पर स्थिति फिलहाल शांतिपूर्ण है और बैठक में इस बात पर सहमति बनी है कि हर कोई शांति बनाए रखने की कोशिश करेगा और हिंसा में शामिल होने का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने कहा कि विवादित क्षेत्र से राज्य बलों को हटाया जा रहा है। असम के मुख्य सचिव ने कहा कि सीएपीएफ अंतरराज्यीय सीमा की जिम्मेदारी संभालेगा। उन्होंने कहा कि पुलिस बलों की वापसी की प्रक्रिया पर काम किया जा रहा है।

‘केंद्र सरकार असम-मिजोरम सीमा विवाद से चिंतित है’
इससे पहले मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, ‘केंद्र सरकार असम-मिजोरम सीमा विवाद से चिंतित है जिसके कारण हिंसा हुई और 6 लोगों की मौत हो गई। बैठक का उद्देश्य तनाव कम करना, शांति स्थापित करना और संभावित समाधान खोजना है।’ अधिकारी ने बताया कि CRPF के महानिदेशक भी बैठक में शामिल हुए क्योंकि अर्धसैनिक बल के जवानों को असम-मिजोरम के तनावग्रस्त सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात किया गया है। मिजोरम पुलिस ने असम के अधिकारियों की एक टीम पर सोमवार को गोलीबारी कर दी, जिसमें में असम पुलिस के 5 कर्मियों और एक नागरिक की मौत हो गई और एक पुलिस अधीक्षक सहित 50 से अधिक अन्य लोग जख्मी हो गए।

असम और मिजोरम के बीच है 164 किमी लंबी सीमा
असम के बराक घाटी के जिले कछार, करीमगंज और हैलाकांडी की मिजोरम के तीन जिलों आइजोल, कोलासिब और मामित के साथ 164 किलोमीटर लंबी सीमा लगती है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 8 पूर्वोत्तर राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बातचीत की थी और सीमा विवादों को सुलझाने की जरूरत को रेखांकित किया था, जिसके 2 दिन बाद यह घटना हुई थी। (भाषा)

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