नई दिल्ली: बिहार में हुए टॉपर्स घोटाले मामले में विशुन राय कॉलेज के प्रधानाचार्य बच्चा राय को आज पुलिस ने वैशाली जिले से गिरफ्तार कर लिया है। वह पिछले कई दिनों से फरार चल रहे थे। बिहार में टॉपर कांड के मुख्य आरोपी विशुन राय कॉलेज के प्रिंसिपल बच्चा राय ने पुलिस को चकमा देकर आत्मसर्मपण करने आया था लेकिन पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही थी लेकिन वह पुलिस के हाथ नहीं आ रहा था।
बच्चा राय को पकड़ने के लिए पुलिस लगातार छापे मार रही थी। शनिवार को उसे पकड़ लिया गया। वीआर कॉलेज, कीरतपुर भगवानपुर के प्रिंसीपल डॉ. अमित कुमार उर्फ बच्चा राय को वैशाली से पकड़ा गया। वह कॉलेज के बाहर मीडिया से चर्चा कर रहा था। बच्चा राय ने खुद को निर्दोष बताया।
इससे पहले छापेमारी के दौरान पुलिस ने उसके ठिकाने से तीन बोरे से अधिक अहम दस्तावेज जब्त किए थे। बच्चा राय छापामार कार्रवाई के दौरान पुलिस को चकमा देकर भागने में सफल हो गया था। बताया जाता है कि एआईटी की टीम में एक पुलिस अफसर ने उसे भगाने में मदद की थी।
कौन है बच्चा राय...
बच्चा राय 19 साल की उम्र में ही वीआर कॉलेज का प्रिंसिपल बन गया था। बच्चा राय का असली नाम अमित कुमार है। वह खुद भी दो बार बारहवीं में फेल हो चुका है। 1994 में उसने मैट्रिक की परीक्षा पास की थी, लेकिन इसके बाद दो बार इंटर फेल हो गया. 1998 में उसने इंटर की परीक्षा फर्स्ट डिविजन से पास की और अगले ही साल 1999 में अपने पिता के कॉलेज का प्रिंसिपल बन बैठा।
हालांकि विवाद के बाद वह प्रिंसिपल के पद से तब हटा दिया गया, लेकिन 2008 में फिर से कुर्सी पर जा बैठा। उसने अपने कॉलेज को टॉपर बनाने की फैक्ट्री बना लिया था। इसके एवज में वह 25000 से लेकर एक लाख रुपए तक वसूलता था।