इलाहाबाद: उत्तर प्रदेश की प्रयागनगरी इलाहाबाद में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दिग्गज नेता राज्य में वर्ष 2017 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर मंथन करेंगे। बसपा सुप्रीमो मायावती और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सामने भाजपा का चेहरा कौन होगा, इसे लेकर पार्टी राज्य में एक आंतरिक सर्वे कराएगी। सर्वे में छह नाम शामिल किए जाएंगे और यदि सम्भव हुआ तो उप्र में मुख्यमंत्री का चेहरा पेश किया जाएगा। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि उप्र में चेहरा कौन होगा, इसे लेकर अभी कुछ कहा नहीं जा सकता, लेकिन पार्टी इसपर रणनीति बनाने में जरूर जुटी हुई है।
भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर का मानना है कि "उप्र में पार्टी किसी को पेश कर चुनाव लड़ेगी या सामूहिक नेतृत्व के साथ जाएगी, इसका फैसला नहीं हुआ है। पार्टी का शीर्ष नेतृत्व इस पर जो भी निर्णय लेगा, उसके साथ ही चुनाव में उतरा जाएगा।"
भाजपा के सूत्र बताते हैं कि उप्र में मुख्यमंत्री का चेहरा पेश करने को लेकर पार्टी काफी सजग है। पार्टी हर कदम फूंक-फूंक कर उठाना चाह रही है। भाजपा के रणनीतिकारों के अनुसार, जिन छह नामों को सर्वे में शामिल किए जाने की सम्भावना है, उनमें केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, डॉ. महेश शर्मा, केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा व केंद्रीय मंत्री रामशंकर कठेरिया शामिल हैं।
पार्टी सूत्र के अनुसार, सर्वे रिपोर्ट दो महीने के भीतर आ जाएगी और इसके बाद इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के पास भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद ही तय होगा कि भाजपा किसी को उप्र में मुख्यमंत्री चेहरा बनाएगी या फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर ही जनता के बीच जाएगी। पार्टी के एक पदाधिकारी ने कहा, "हां इस बात की चर्चा है कि सर्वे कराया जाएगा, लेकिन यह कब तक होगा और इसकी प्रक्रिया क्या होगी, यह कहना जल्दबाजी होगी।"