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दिल्ली दंगों पर लिखी गई किताब को मिला अब नया पब्लिशर, Bloombsbury ने किया था छापने से इनकार

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Aug 23, 2020 08:06 pm IST,  Updated : Aug 23, 2020 09:43 pm IST

ब्लूम्सबरी इंडिया ने शनिवार को फरवरी के दिल्ली दंगों से जुड़ी एक किताब का प्रकाशन नहीं करने की घोषणा की थी।

book on delhi riot got new publisher informs monika arora । दिल्ली दंगों पर लिखी गई किताब को मिला अब- India TV Hindi
दिल्ली दंगों पर लिखी गई किताब को मिला अब नया पब्लिशर, Bloombsbury ने किया था छापने से इनकार Image Source : PTI

नई दिल्ली. दिल्ली दंगों पर लिखी गई किताब को नया पब्लिशर मिल गया है। इस बात की जानकारी किताब की तीन लेखिकाओं में से एक मोनिका अरोड़ा ने ट्वीट कर दी। मोनिका अरोड़ा ने कहा कि लोगों की भावनाओं के अनुसार, हम गरुड़ प्रकाशन के साथ आगे बढ़ रहे हैं। आपको बता दें कि ब्लूम्सबरी इंडिया ने शनिवार को फरवरी के दिल्ली दंगों से जुड़ी एक किताब का प्रकाशन नहीं करने की घोषणा की थी। प्रकाशन संस्था ने यह घोषणा उनकी जानकारी के बिना किताब के बारे में एक ऑनलाइन कार्यक्रम का आयोजन किये जाने के बाद की। 

ब्लूम्सबरी इंडिया द्वारा दिल्ली दंगों से जुड़ी किताब के प्रकाशन से इनकार करने के एक दिन बाद गरुड़ प्रकाशन ने रविवार को कहा कि वह “डेल्ही रायट्स 2020: द अनटोल्ड स्टोरी” शीर्षक वाली पुस्तक प्रकाशित करेगा। किताब के प्रकाशन से पूर्व एक ऑनलाइन कार्यक्रम को लेकर हंगामा मचने के बाद ब्लूम्सबरी इंडिया ने पुस्तक के प्रकाशन से हाथ खड़े कर दिये थे।

गरुड़ प्रकाशन ने कहा कि किताब के अगले 15 दिनों में बिक्री के लिये उपलब्ध होने की उम्मीद है। गरुड़ प्रकाशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संक्रांत सानू ने कहा, “गरुड़ प्रकाशन भारतीय इतिहास- प्राचीन और समसामयिक- के प्रामाणिक विमर्श के लिये प्रतिबद्ध है। यह देख कर दुख होता है कि अन्य प्रकाशक किताब की विषय-वस्तु के बजाय अन्य घटनाक्रमों से प्रभावित हैं। हम किताब के प्रमुख लेखकों का दिल्ली दंगों की असली तस्वीर सामने लाने के लिये समर्थन करते हैं।

 ब्लूम्सबरी इंडिया ने शनिवार को फरवरी के दिल्ली दंगों से जुड़ी एक किताब का प्रकाशन नहीं करने की घोषणा की। प्रकाशन संस्था ने यह घोषणा उनकी जानकारी के बिना किताब के बारे में एक ऑनलाइन कार्यक्रम का आयोजन किये जाने के बाद की। इस प्रकाशन संस्था को शुक्रवार को उस समय ऑनलाइन तीखी प्रतिक्रियाओं का सामना करना पड़ा जब शनिवार को किताब के लोकार्पण का एक कथित विज्ञापन सामने आया और इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा नेता कपिल मिश्रा को दिखाया गया। उत्तर पूर्वी दिल्ली में 23 फरवरी को हिंसा भड़कने के पहले ऐसे आरोप लगाये गये थे कि मिश्रा समेत कई नेताओं ने भड़काऊ भाषण दिये। 

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