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LAC पर झड़प में चीन के 43 सैनिक मारे गए, लाशों को लेने पहुंचे चीनी हेलीकॉप्टर

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Jun 16, 2020 10:02 pm IST,  Updated : Jun 16, 2020 11:29 pm IST

चीन को भी लद्दाख में हुई हिंसक झड़प में भारी नुकसान हुआ है। चीन की सेना के 43 जवान मारे गए हैं।

breaking news India-China border tensions live updates: At least 20 Indian soldiers killed in violen- India TV Hindi
Breaking News 43 Chinese Army soldier killed in Ladakh । Breaking News: LAC पर झड़प में चीन के 43 सैनिक मारे गए  Image Source : INDIA TV

नई दिल्ली. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार चीन को भी लद्दाख में हुई हिंसक झड़प में भारी नुकसान हुआ है। चीन की सेना के 43 जवान मारे गए हैं। खबर यह भी मिल रही है कि इन जवानों की लाशों ले जाने के लिए चीनी हेलीकॉप्टर LAC के नजदीक देखे गए हैं। आपको बता दें कि इस झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हुए हैं। कहा जा रहा है कि शहीद जवानों की संख्या और बढ़ सकती है।

इससे पहले मंगलवार दोपहर सेना के सूत्रों ने कहा कि दोनों ओर से कोई गोलीबारी नहीं हुई। सेना ने एक संक्षिप्त बयान में कहा, ''गलवान घाटी में तनाव कम करने की प्रक्रिया के दौरान सोमवार रात हिंसक टकराव हो गया। इस दौरान भारतीय सेना का एक अधिकारी और दो जवान शहीद हो गए।'' 

हालात को लेकर आज दिनभर बैठकों के दौर चला। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत और तीन सेनाओं के प्रमुखों के साथ पूर्वी लद्दाख में वर्तमान स्थिति की समीक्षा की। बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर भी मौजूद थे। सूत्रों ने कहा कि सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे का दिल्ली के बाहर एक बेस का दौरा रद्द कर दिया गया है। 

गौरतलब है कि बीते पांच हफ्तों से गलवान घाटी समेत पूर्वी लद्दाख के कई इलाकों में बड़ी संख्या में भारतीय और चीनी सैनिक आमने-सामने थे। यह घटना भारतीय सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे के उस बयान के कुछ दिन बाद हुई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि दोनों देशों के सैनिक गलवान घाटी से पीछे हट रहे हैं।

बता दें कि भारतीय और चीनी सेना के बीच पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग झील, गलवान घाटी, डेमचोक और दौलतबेग ओल्डी में तनाव चल रहा है। बड़ी संख्या में चीनी सैनिक वास्तविक सीमा पर पैंगोंग झील सहित कई भारतीय क्षेत्रों में घुस आए थे। भारत ने इसका कड़ा विरोध करते हुए चीनी सैनिकों को इलाके में शांति बहाल करने के लिये तुरंत पीछे हटने के लिये कहा।

दोनों देशों के बीच इस विवाद को सुलझाने के लिये बीते कुछ दिनों में कई बार बातचीत हो चुकी है। इस विवाद को खत्म करने के लिये पहली बार गंभीरता से प्रयास करते हुए लेह स्थित 14वीं कोर के जनरल कमांडिंग ऑफिसर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह और तिब्बत सैन्य जिले के मेजर जनरल लीयू लिन ने छह जून को करीब सात घंटे तक बैठक की थी। 

बैठक के बाद मेजर जनरल स्तर की दो दौर की वार्ता हुई। भारतीय पक्ष उन क्षेत्रों में से हजारों चीनी सैनिकों की तत्काल वापसी पर जोर दे रहा है, जिन्हें भारत अपना क्षेत्र मानता है। इससे पहले भारतीय सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने कहा था कि दोनों देशों की सेना चरणबद्ध तरीके से वापस लौट रही हैं। उन्होंने कहा था, ''हमने गलवान नदी के उत्तर की ओर से अपने सैनिक हटाने शुरू किये हैं, जहां काफी तनाव हुआ था। दोनों देशों के बीच काफी सकारात्मक संवाद हुआ है।''

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