मुंबई: बचत बैंक खातों से निकासी की सीमा को पूरी तरह हटाने के पहले सरकार ने साप्ताहिक निकासी की सीमा को 24,000 रुपये से बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दिया है, जो सोमवार से प्रभावी हो गई है। वहीं, 13 मार्च से सभी प्रकार की सीमा खत्म होने की संभावना है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के डिप्टी गर्वनर आर. गांधी ने आठ फरवरी को सभी तरह की सीमा हटाने की योजना की घोषणा की थी।
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आरबीआई (RBI) ने 30 जनवरी को चालू खाते, कैश कार्ड खाते और ओवरड्रॉफ्ट खाते से निकासी पर निर्धारित की गई सीमाओं को खत्म कर दिया था। सरकार द्वारा आठ नवंबर को की गई नोटबंदी, जिसमें 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को बंद कर दिया गया था, के बाद ही खातों से नकदी निकासी पर सीमा निर्धारित कर दी गई है। पहले एटीएम (ATM) से नकदी निकालने की साप्ताहिक सीमा 2,500 रुपये थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 4,500 रुपये कर दिया गया।
वहीं, बैंक खातों से अधिकतम निकासी की सीमा 20,000 रुपये थी, जिसने नवंबर में बढ़ाकर 24,000 रुपये कर दिया गया। इसके बाद 13 मार्च को एटीएम (ATM) से निकासी पर हर किस्म की सीमा को हटा लिया गया। हालांकि खातों से नकदी निकालने की सीमा बरकरार रही।
आईएएनएस (IANS) के संवाददाता ने पिछले हफ्ते राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के कई एटीएम (ATM) का दौरा किया था और पाया था कि नोटबंदी के बाद से स्थिति में मामूली सुधार ही हुआ है और अधिकांश एटीएम (ATM) में पैसे खत्म है।