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छत्तीसगढ़ हमला: DGP ने कहा, 'नक्सलियों के निशाने पर था सीआरपीएफ का गश्ती दल'

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Oct 30, 2018 10:10 pm IST,  Updated : Oct 30, 2018 10:10 pm IST

छत्तीसगढ़ में पुलिस ने कहा कि मंगलवार को दंतेवाड़ा में हुए हमले में नक्सलियों के निशाने पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) का गश्ती दल था।

Representational image- India TV Hindi
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रायपुर: छत्तीसगढ़ में पुलिस ने कहा कि मंगलवार को दंतेवाड़ा में हुए हमले में नक्सलियों के निशाने पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) का गश्ती दल था। इस घटना में दो पुलिसकर्मी शहीद हो गए हैं तथा एक मीडियाकर्मी की मृत्य हुई है। राज्य के नक्सल विरोधी अभियान के विशेष पुलिस महानिदेशक डी एम अवस्थी ने आज यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि दंतेवाड़ा जिले के अरनपुर थानाक्षेत्र में नक्सलियों के निशाने पर सड़क निर्माण कार्य की सुरक्षा में लगे सीआरपीएफ के जवान थे। लेकिन उन्होंने जिला बल के जवानों और मीडियाकर्मियों पर गोलीबारी कर दी। 

अवस्थी ने बताया कि क्षेत्र के समेली और नीलावाया गांव के मध्य पिछले कुछ महीनों से सड़क निर्माण का कार्य चल रहा है। इस निर्माण कार्य का नक्सली विरोध कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सड़क निर्माण कार्य की सुरक्षा में आज सीआरपीएफ की 111वीं बटालियन के गश्ती दल को रवाना किया गया था। वहीं अरनपुर थाने के पुलिस जवान और दूरदर्शन के तीन सदस्यों का दल भी मोटर साइकिल पर सवार होकर नीलावाया गांव की ओर रवाना हुआ था। दूरदर्शन का दल क्षेत्र में विकास कार्यों और चुनाव संबंधी गतिविधियों का समाचार बनाने गया था। 

पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस दल जब नीलावाया गांव की ओर जा रहा था तब मीडिया कर्मियों ने पेड़ पर चुनाव का बहिष्कार करने के संबंध में पर्चा लगा देखा। जिसे रिकार्ड करने के लिए कैमरामैन अच्युतानंद साहू मोटरसाइकिल से नीचे उतरे और पेड़ के करीब गये। इसी दौरान अचानक नक्सलियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। इस गोलीबारी में साहू को गोली लगी और वह वहीं गिर गये। 

अधिकारी ने बताया कि नक्सली गोलीबारी के बाद पुलिस दल ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू की और लगभग 50 मिनट तक गोलीबारी के बाद नक्सली वहां से फरार हो गए। जानकारी के मुताबिक लगभग एक सौ की संख्या में नक्सलियों ने इस घटना को अंजाम दिया है। उन्होंने बताया कि नक्सली गोलीबारी के दौरान दो पुलिसकर्मी, उप निरीक्षक रूद्र प्रताप सिंह और सहायक आरक्षक मंगलु शहीद हो गए जबकि दो अन्य घायल हो गए। 

अवस्थी ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद दंतेवाड़ा जिले के पुलिस अधीक्षक अभिषेक पल्लव भी अतिरिक्त बल के साथ मौके पर पहुंचे थे। 

उन्होंने बताया कि पुलिस को जानकारी मिली है कि इस घटना में दो से तीन नक्सली भी मारे गए हैं जिनके शव उनके सहयोगी अपने साथ ले गए। 
अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने जब घटनास्थल की तलाशी ली तब वहां से लगभग 10 बारूदी सुरंगे बरामद हुई। 

अवस्थी ने कहा कि आज नक्सलियों ने सीआरपीएफ को निशाना बनाने की कोशिश की थी लेकिन इसमें वहां गई मीडिया की टीम निशाने पर आ गई। 
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि इस घटना को चुनाव के साथ जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। राज्य के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पिछले कई वर्षों से सड़क निर्माण का कार्य चल रहा है जिसका नक्सली विरोध कर रहे हैं। वहीं नक्सल प्रभावित क्षेत्र में पिछले तीन वर्ष से सड़क निर्माण का कार्य चल रहा है, जिसमें से कई कार्य पूर्ण हो चुके हैं। यह राज्य के विकास की नीति और सुरक्षा बलों द्वारा दी गई सुरक्षा का नतीजा है। इस निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा बल के कई जवानों ने अपनी शहादत दी है। 

अवस्थी ने कहा कि राज्य में विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यहां शांतिपूर्वक मतदान के लिए हम दृढ निश्चयी हैं। इन घटनाओं से सुरक्षा बलों का मनोबल कमजोर नहीं होगा। नियमों के तहत प्रत्येक उम्मीदवार को सुरक्षा प्रदान की जाएगी। इधर दंतेवाड़ा जिले के पुलिस अधीक्षक अभिषेक पल्लव ने बताया कि नक्सलियों ने इस घटना के दौरान मृत कैमरामैन का कैमरा भी लूट लिया। पल्लव ने बताया कि गोलीबारी शुरू होते ही दो अन्य मीडियाकर्मी सड़क के करीब बने गड्ढे में छिप गए थे। वहीं सहायक आरक्षक मंगलू ने उन्हें सुरक्षा प्रदान की और इस दौरान वह शहीद हुए। वहीं मुख्यमंत्री रमन सिंह ने इस नक्सली हमले की कड़े शब्दों निंदा की है। 

राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री सिंह ने आज राज्य के दंतेवाड़ा जिले में नीलवाया के जंगलों में पुलिस बल पर नक्सली हमले की कड़े शब्दों में निंदा की। सिंह ने इस हमले में पुलिस के दो जवानों और दूरदर्शन नयी दिल्ली के एक कैमरामैन की शहादत पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। 
मुख्यमंत्री ने कहा है कि यह नक्सलियों की कायरतापूर्ण और शर्मनाक हरकत है। देश, प्रदेश और समाज के सभी लोगों को एक स्वर से उनकी ऐसी हरकतों की कठोर शब्दों में निंदा करनी चाहिए और हिंसा तथा आतंक के खिलाफ सबको एकजुटता का परिचय देना चाहिए। मुख्यमंत्री ने घायल जवानों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की और अधिकारियों को उनका बेहतर इलाज करवाने का निर्देश दिया है। 

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