
इस दुखद घटना के अलावा भी मुंबई में विभिन्न बैंकों और एटीएम पर कतारबद्ध लाखों लोगों ने शिकायत की है कि उन्हें घंटों कतारों में खड़े रहना पड़ रहा है, लेकिन न तो वहां बैठने की कोई व्यवस्था है, और न पीने के पानी व शौचालय की व्यवस्था है।
सर्वाधिक परेशानी वरिष्ठ नागरिकों, गर्भवती महिलाओं, और अस्वस्थ लोगों के लिए है, क्योंकि उन्हें सड़कों और फुटपाथों पर घंटों कतार में खड़े रहना पड़ रहा है और बैंक शाखाओं या स्थानीय प्रशासन से उन्हें कोई मदद नहीं मिल रही है।
मध्य प्रदेश में राजधानी भोपाल के महाराणा प्रताप नगर की बैंक स्ट्रीट में कई बैंकों के एटीएम हैं। इन एटीएम पर सुबह छह बजे से ही ग्राहकों की कतारें लगने लगीं। यहां पहुंचे ग्राहक उस वक्त मायूस हो गए, जब मशीन से रुपये उपलब्ध न होने की पर्ची निकली। जिन मशीनों से रकम निकली, वहां से ग्राहक संतुष्ट होकर लौटे।
एमपी नगर में एटीएम पर पहुंचे मंगल बिसेन ने संवाददाताओं से कहा, "मैं सुबह आठ बजे से एटीएम की कतार में लगा हूं। बैंक अधिकारियों ने बताया है कि अभी एटीएम में रकम नहीं है, दोपहर दो बजे के बाद ही इस मशीन में रकम डाली जा सकेगी, क्योंकि अभी नए नोट नहीं आए हैं।"
राज्य के इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन जैसे महानगरों से लेकर कस्बों तक से एटीएम मशीनों में रकम न होने की सूचना आई।
देहरादून से खबर है कि उत्तराखंड में भी बैंकों और एटीएम के बाहर हजारों लोग पंक्ति में खड़े नजर आए। हालांकि राज्य की राजधानी देहरादून में बैंकों के बाहर टेढ़ी-मेढ़ी कतारों में लोग कुल मिलाकर अनुशासित दिखे, लेकिन छोटे शहरों के कुछ बैंक शाखाओं पर लोगों और सुरक्षा गार्डो के बीच हाथापाई की सूचना है।
बिहार में भी जगह-जगह से एटीएम से रकम नहीं निकलने और कई के खराब रहने की सूचना मिली। राज्य में बड़ी संख्या में एटीएम बंद रहने की भी खबर मिली है। स्टेट बैंक ने बताया है कि बीते दो दिन में उसने पूरे देश में 53000 करोड़ रुपये जमा किए हैं और 1500 करोड़ मूल्य की मुद्रा बदली है।