नई दिल्ली: दिल्ली महिला आयोग ने ओला और उबर सहित एप्प आधारित पांच टैक्सी कंपनियों को नोटिस जारी कर उनसे पूछा है कि राष्ट्रीय राजधानी में उनके बैनर तले कितनी कारें चल रही हैं और कितने ड्राइवरों का उन्होंने समुचित सत्यापन नहीं कराया है।
दिल्ली में बिना किसी नियमन चल रही टैक्सियों से महिलाओं के लिए उत्पन्न खतरे को देखते हए दिल्ली महिला आयोग ने स्वत: संज्ञान लिया है और जानना चाहा है कि दिल्ली सरकार की ओर से तय नियमों तथा मौजूदा कानूनों का टैक्सी ऑपरेटर किस हद तक पालन कर रहे हैं।
महिला आयोग ने उन ड्राइवरों की जानकारी भी मांगी है जिनके पास परिवहन विभाग की ओर से जारी पब्लिक सर्विस व्हिकल बैज मौजूद है। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है, आपकी कंपनी के तहत काम करने वाले ड्राइवरों में से कितनों के पास प्रदेश के बाहर बना हुआ लाइसेंस है?
कृपया उसकी राज्यवार जानकारी दें। उसमें कहा गया है, मदद संबंधी फोन कॉल आने के बाद पुलिस तक पहुंचने का आपका प्रोटोकॉल क्या है? इस कार्य के लिए आपके द्वारा पालन किए जाने वाले प्रोटोकॉल की सभी प्रतियां, रेस्पांस टाइप पर आंकड़े और 2015 में जिन मामलों पर पुलिस सहायता की जरूरत पड़ी है, उनकी जानकारी मुहैया कराएं।