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9 फरवरी की घटना के बारे में पुलिस ने JNU कर्मचारियों से की बात

 Written By: India TV News Desk
 Published : Jun 17, 2016 06:59 am IST,  Updated : Jun 17, 2016 06:59 am IST

दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने नौ फरवरी को जेएनयू परिसर में हुए कार्यक्रम के संबंध में पिछले कुछ दिनों में विश्वविद्यालय कर्मचारियों और छात्रों से पूछताछ की है।

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दिल्ली: दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने नौ फरवरी को जेएनयू परिसर में हुए कार्यक्रम के संबंध में पिछले कुछ दिनों में विश्वविद्यालय कर्मचारियों और छात्रों से पूछताछ की है। इस कार्यक्रम को लेकर देशद्रोह का मामला दर्ज हुआ था और जेएनयू छात्रसंघ के नेता कन्हैया कुमार तथा दो अन्य छात्रों को गिरफ्तार भी किया गया था।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पूछताछ जांच प्रक्रिया का हिस्सा था और किसी को हिरासत में नहीं लिया गया है। छात्रों की पहचान कार्यक्रम के वीडियो क्लिप के माध्यम से किया गया। इस वीडिया क्लिप की जांच सीबीआई के फॉरेंसिक प्रयोगशाला में की गई। जिन लोगों से पूछताछ की गई उनमें कार्यक्रम की शुरूआती अनुमति और उसे मंजूरी देने वाले शामिल हैं। पूछताछ पिछले दो सप्ताह में की गई है।

क्या था जेएनयू विवाद:

दरअसल बीते 9 फरवरी 2016 को संसद हमले के मुख्य आरोपी अफजल गुरु की फांसी को तीन साल पूरे हुए थे। वाम विचारधारा के छात्रों ने इस दिन एक खास कार्यक्रम का आयोजन रखा था। यह आयोजन साबरमती हॉस्टल के सामने करना तय हुआ। यह कार्यक्रम अफजल गुरु और जम्मू एवं कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के सह संस्थापक मकबूल भट्ट की याद में आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम का नाम रखा गया...द कंट्री ऑफ ए विदाउट पोस्ट ऑफिस। इस कार्यक्रम में वामपंथी विचारधारा के छात्र जेएनयू छात्रसंघ के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और अन्य लोग उपस्थित थे, जो भारत की न्याय व्यवस्था पर चर्चा करने आए थे।

बताया जाता है कि इस कार्यक्रम को पहले प्रशासन द्वारा इजाजत मिल गई थी लेकिन बाद में एबीवीपी की आपत्ति के बाद जेएनयू प्रशासन ने अपनी अनुमति वापस ले ली। इस बीच करीब 100 छात्र आयोजन स्थल तक पहुंच चुके थे। वहीं छात्र संघ के संयुक्त सचिव और एबीवीपी सदस्य सौरभ कुमार शर्मा भी करीब 50 छात्रों के साथ वहां पहुंच गए, इनमें छात्राएं भी शामिल थीं। कार्यक्रम की अनुमति रद्द होते ही छात्र आगबबूला हो गए। अनुमति रद्द किए जाने के बाद भी वाम विचारधारा के छात्रों ने कार्यक्रम को जारी रखने का फैसला किया, जिसका एबीवीपी ने विरोध किया। इसी विरोध के बीच तनाव बढ़ा और नारेबाजी हुई। कहा जाता है कि यहां पर राष्ट्रविरोधी नारेबाजी हुई थी, लेकिन कन्हैया ने इस पर साफ तौर पर इनकार किया था। जानकारी के मुताबिक भारत की बर्बादी, तुम कितने अफजल मारोगे, पाकिस्तान जिंदाबाद जैसे नारे भी यहां लगाए गए। फिलहाल मामले की जांच जारी है।  

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