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नोटबंदी से अर्थव्यवस्था पर असर नहीं, टैक्स वसूली बढ़ी: जेटली

 Written By: Bhasha
 Published : Jan 09, 2017 08:33 pm IST,  Updated : Jan 09, 2017 08:34 pm IST

नई दिल्ली: नोटबंदी की वजह से आर्थिक नरमी को सुनी सुनाई बातों पर आधारित बताते हुये वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज कहा कि दिसंबर माह में अप्रत्यक्ष कर प्राप्ति 14.2 प्रतिशत बढ़ी है और

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नई दिल्ली: नोटबंदी की वजह से आर्थिक नरमी को सुनी सुनाई बातों पर आधारित बताते हुये वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज कहा कि दिसंबर माह में अप्रत्यक्ष कर प्राप्ति 14.2 प्रतिशत बढ़ी है और इसमें भी उत्पाद शुल्क वृद्धि काफी अच्छी रही है जो कि मुख्य तौर पर विनिर्माण गतिविधियों में तेजी को परिलक्षित करता है। नोटबंदी के बाद नकदी की तंगी के बीच दिसंबर 2016 में उत्पाद शुल्क वसूली 31.6 प्रतिशत बढ़ी है जबकि सेवाकर में 12.4 प्रतिशत वृद्धि हुई है। सीमा शुल्क संग्रह इस दौरान हालांकि 6.3 प्रतिशत कम हुआ है, सोने का आयात घटने की वजह से इसमें गिरावट आई है।

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चालू वित्त वर्ष में अप्रैल से दिसंबर अवधि में अप्रत्यक्ष कर प्राप्ति 25 प्रतिशत बढ़कर 6.30 लाख करोड़ रुपये हो गई। यह राशि पूरे साल के लिये लगाये गये बजट अनुमान का 81 प्रतिशत है। प्रत्यक्ष कर वसूली भी इस दौरान 12.01 प्रतिशत बढ़कर 5.53 लाख करोड़ रुपये रही जो कि बजट अनुमान का 65 प्रतिशत है।

सरकार ने गत आठ नवंबर को अचानक 500 और 1,000 रुपये के पुराने नोट चलन से वापस लेने की घोषणा कर दी थी। इसके बाद आर्थिक गतिविधियों में नरमी आने को लेकर चिंता व्यक्त जाने लगी थी। जेटली ने कहा कि दिसंबर में समाप्त नौ महीने की अवधि में उत्पाद शुल्क प्राप्ति में 43 प्रतिशत की धमाकेदार वृद्धि दर्ज की गई है। उत्पाद शुल्क बढ़ने से विनिर्माण गतिविधियां बढ़ने का संकेत मिलता है।

नोटबंदी के कारण रोजगार के नुकसान के बारे में पूछे जाने पर जेटली ने कहा, इस तरह की सभी कहानियां और रिपोर्टें सुनी सुनाई बातें हैं। वृद्धि के आंकड़े किस्से कहानियों पर आधारित नहीं होते हैं ... साख्यिकी और कराधान के आंकड़े वास्तविक होते हैं। यह वह धन है जो कि प्राप्त हुआ है। दिसंबर महीने में उत्पाद शुल्क प्राप्ति 31.6 प्रतिशत बढ़कर 36,000 करोड़ रुपये रही है। सेवाकर वसूली 12.4 प्रतिशत बढ़कर 23,000 करोड़ रुपये हुई है। अप्रत्यक्ष करों में उत्पाद शुलक, सेवाकर और सीमा शुल्क की वसूली दिसंबर माह में एक साल पहले इसी माह की तुलना में 14.2 प्रतिशत बढ़कर 76,000 करोड़ रुपये रही है।

दिसंबर महीने में एक माह पहले नवंबर के मुकाबले और एक साल पहले दिसंबर की तुलना में कर वसूली बढ़ी है। नवंबर 2016 के मुकाबले दिसंबर में अप्रत्यक्ष कर प्राप्ति 12.8 प्रतिशत बढ़ी है। जेटली ने कहा, नोटबंदी के बाद नवंबर और दिसंबर में नकदी का संकट होने को लेकर सार्वजनिक तौर पर काफी बहस हुई है, अब इन दोनों माह के ये आंकड़े काफी महत्वपूर्ण हैं। जेटली ने कहा कि ज्यादातर राज्यों में मूल्य वर्धित कर (वैट) में भी वृद्धि हुई है और उन्हें नवंबर में पुराने नोट में भी कर प्राप्त हुआ है। मेरे विचार से सभी बेहतर प्रशासनिक तंत्र वाले राज्यों में नवंबर में वैट संग्रह बढ़ा है।

अप्रैल से दिसंबर की अवधि में अप्रत्यक्ष कर प्राप्ति का ब्यौरा देते हुये वित्त मंत्री ने कहा कि उत्पाद शुल्क प्राप्ति इस दौरान 43 प्रतिशत बढ़कर 2.79 लाख करोड़ रुपये, सेवा कर प्राप्ति 23.9 प्रतिशत बढ़कर 1.83 लाख करोड़ रुपये हो गया जबकि सीमा शुल्क संग्रह 4.1 प्रतिशत बढ़कर 1.67 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। जीडीपी आंकड़ों और कर संग्रह के आंकड़ों में परस्पर विरोधी रख के बारे में पूछे जाने पर जेटली ने कहा, हम केवल अंतिम आंकड़ों पर ही टिप्पणी करेंगे। जीडीपी के अभी हमारे पास केवल अनुमानित आंकड़े हैं जबकि कर राजस्व के आंकड़े वास्तविक है ये अनुमानित नहीं हैं।

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