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विधानसभा चुनावों में हार के बावजूद राहुल को बनाया जा सकता है कांग्रेस अध्यक्ष

 Written By: India TV News Desk
 Published : May 19, 2016 11:05 pm IST,  Updated : May 19, 2016 11:05 pm IST

विधानसभा चुनावों के ताजा चरण में कांग्रेस को मिली करारी शिकस्त के बावजूद राहुल गांधी को कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया जा सकता है।

Randeep Surajewala- India TV Hindi
Randeep Surajewala

नई दिल्ली: विधानसभा चुनावों के ताजा चरण में कांग्रेस को मिली करारी शिकस्त के बावजूद राहुल गांधी को कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया जा सकता है। पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने आज इसे लेकर इशारा किया। एक पत्रकार ने जब उनसे पूछा कि क्या चुनाव नतीजों की पृष्ठभूमि में राहुल को कांग्रेस अध्यक्ष बनाने की योजनाओं को अभी टाल दिया जाएगा, सुरजेवाला ने कहा, आपका सुझाव शानदार है, हम इसे सीधे सीधे खारिज करते हैं।

राहुल के करीबी समझे जाने वाले एक दूसरे कांग्रेस नेता ने कहा कि राहुल को आप जितना सोचते हैं उससे जल्दी पदोन्नति दी जाएगी। कांग्रेस नेता ने नाम गुप्त रखने के शर्त पर यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के सचिवालय में भी जल्द ही फेरबदल हो सकता है। इससे पहले इस महीने पार्टी नेता जयराम रमेश ने कहा था कि कांग्रेस राहुल के इस साल पार्टी प्रमुख का पद संभालने की उम्मीद कर रही है।

सुरजेवाला ने कहा, हर चुनाव के अपने मुद्दे होते हैं। हम किसी एक व्यक्ति-तरूण गोगोई या ओमन चांडी-के लिहाज से राज्य चुनावों को नहीं देखते। उन्होंने कहा, हम उन कारणों का विश्लेषण करेंगे जहां हमें बेहतर करने की जरूरत है। हम एक सौहार्दपूर्ण माहौल में इसपर चर्चा करेंगे। हम इस अनुचित सुझाव को पूरी तरह खारिज करते हैं।

केरल में हार कांग्रेस के लिए झटका लेकिन पार्टी जल्द ही वापसी करेगी: एंटनी

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ए के एंटनी ने कहा कि केरल विधानसभा चुनावों में पार्टी की हार निश्चित रूप से झटका है लेकिन यह वापसी करेगी। केरल के पूर्व मुख्यमंत्री एंटनी ने संवाददाताओं से कहा, हार निश्चित रूप से पार्टी के लिए झटका है। हम निराश हैं लेकिन भ्रमित या निरूत्साहित नहीं हैं। एंटनी ने कहा कि पार्टी ने 1967 में काफी बुरे दिन देखे हैं और उस वक्त पार्टी को 133 सीटों में से महज नौ सीटें मिली थीं और कुछ क्षेत्रों में तो बिल्कुल सीट नहीं मिली और हमने वापसी की।

उन्होंने कहा कि हार और जीत लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है और वापसी करने के लिए पार्टी हार के कारणों का मंथन करेगी। कांग्रेस नीत यूडीएफ सत्ता से बाहर हो गई क्योंकि इसे केवल 46 सीटें मिलीं और इसे वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) से कड़ी टक्कर मिली जिसने 91 सीटों पर जीत दर्ज की। पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा करने वाले एकमात्र कांग्रेस के मुख्यमंत्री चांडी ने 140 सीटों वाली विधानसभा में 2011 में 72 सीट हासिल कर सामान्य बहुमत से सरकार बनाई थी।

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