नई दिल्ली: बुधवार को भारत का पूर्वी इलाका भूकंप के झटकों से हिल उठा। पश्चिम बंगाल और बिहार में भूकंप का तगड़ा झटका महसूस किया गया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 6.8 मापी गई। कोलकाता, पटना, दरभंगा, गुवाहाटी और लखनऊ में भूकंप के झटके महसूस किए गए।
नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के मुताबिक इस भूकंप का केंद्र म्यांमार में जमीन से 58 किमी. नीचे था। कोलकाता में भूकंप के चलते मेट्रो सेवाएं रोक दी गईं। वहीं पटना में भी लोग घरों से बाहर निकल आए। लोगों का कहना है कि उन्होंने करीब 10 सेकेंड तक भूकंप के झटके महसूस किए।
दो दिन पहले दिल्ली और हरियाणा में भूकंप
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और हरियाणा में भी दो दिन पहले भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.5 मापी गई थी। इसका केंद्र हरियाणा के महेंद्रगढ़ में था। भूकंप से जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ।
क्यों आता है भूकंप ?धरती के भीतर कई प्लेटें होती हैं जो समय-समय पर विस्थापित होती हैं। इन प्लेटों के आपस में टकराने से सिस्मिक तरंगे उत्पन्न होती हैं जो भूकंप का मुख्य कारण हैं।
क्यों टकराती हैं प्लेट्स ?
पृथ्वी के अंदर की प्लेट्स धीरे-धीरे घूमती रहती हैं। इस तरह हर साल ये अपने स्थान से 4 से 5 मिमी खिसक जाती हैं। कोई प्लेट किसी दूसरी प्लेट के पास आ जाती हैं तो कई एक दूसरे से दूर चली जाती हैं। ऐसे में कभी-कभी ये आपस में टकरा जाती हैं जिसके चलते भूकंप आता है। ये प्लेटें पृथ्वी की सतह से 30 से 50 किमी. तक नीचे हैं।