नई दिल्ली: बिहार में हत्या के आरोप में गिरफ्तार जदयू एमएलसी के पुत्र रॉकी यादव को वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के तत्वों से खतरे के आधार पर हथियार का लाइसेंस दिया गया था। दिल्ली पुलिस ने आज जानकारी दी। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि रॉकी ने 12 जून, 2013 को दिल्ली पुलिस से लाइसेंस प्राप्त किया था। अपने पते के प्रमाण के लिए उसने दक्षिण दिल्ली के वसंत कुंज इलाके में किराये के एक मकान के कागजात जमा किये थे।
इससे पहले आज सुबह केंद्र सरकार पर जवाबी हमला बोलते हुए बिहार के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने पूछा कि रॉकी को दिल्ली में बिना उचित सत्यापन के पिस्तौल का लाइसेंस कैसे मिल गया। उन्होंने मामले में पूरी तरह जांच की मांग की। राजद नेता ने कहा कि दिल्ली पुलिस केंद्र के अधीन है और इसलिए नियमों की अवहेलना करते हुए लाइसेंस जारी करने के बारे में उन्हें बताना होगा।
इस घटनाक्रम के बाद दिल्ली पुलिस की लाइसेंस देने वाली इकाई को रिकॉर्ड निकालने पड़े, जिसके बाद सामने आया कि लाइसेंस के लिए आवेदन करते हुए रॉकी ने एक लिखित बयान में एक निजी निर्माण कंपनी का कार्यकारी निदेशक होने का दावा किया था। अधिकारी ने कहा, रॉकी ने यह दावा भी किया था कि कंपनी ने वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में सड़कों और अन्य सुविधाओं के निर्माण के लिए कई सरकारी ठेके लिये हैं जिसके चलते उसकी जान को खतरा है।
अधिकारी ने कहा कि रॉकी ने अपने आवेदन के समर्थन में भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ द्वारा जारी प्रसिद्ध शूटर होने का प्रमाणपत्र भी जमा किया। उन्होंने कहा कि जहां तक आवासीय पते की बात है तो आवेदक को वहां कम से कम छह महीने रहना जरूरी होता है और रॉकी इस मानदंड पर खरा उतरता था।
रॉकी का पूरा नाम राकेश रंजन यादव है। वह बिहार में जदयू की विधान परिषद सदस्य मनोरमा देवी का बेटा है। उसने कथित तौर पर 20 साल के आदित्य सचदेवा को इसलिए गोली मार दी थी क्योंकि वह उसकी गाड़ी से आगे निकल गया था। रॉकी को मंगलवार को गया जिले में उसके पिता के मिक्सर प्लांट से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने अपराध में इस्तेमाल पिस्तौल भी बरामद कर ली।