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डेंगू, चिकनगुनिया के मरीजों के लिए दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में 10 फीसदी बिस्तर आरक्षित

 Written By: India TV News Desk
 Published : Sep 16, 2016 05:46 pm IST,  Updated : Sep 16, 2016 05:47 pm IST

नई दिल्ली: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा से मुलाकात के बाद दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने आज बताया कि केंद्र राष्ट्रीय राजधानी के अपने अस्पतालों में डेंगू और चिकुनगुनिया के मरीजों के

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नई दिल्ली: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा से मुलाकात के बाद दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने आज बताया कि केंद्र राष्ट्रीय राजधानी के अपने अस्पतालों में डेंगू और चिकुनगुनिया के मरीजों के लिए 10 प्रतिशत बिस्तर आरक्षित रखेगा। जैन ने बताया कि दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में डेंगू और चिकुनगुनिया के मरीजों के लिए 1,000 अतिरिक्त बिस्तर होंगे।

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दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि एनसीआर क्षेत्र से आने वाले मरीजों की सुविधा के लिए उन्होंने नड्डा को सुझाव दिया है कि वह इस तरह के बुखार से पीड़ित लोगों के उपचार के लिए उत्तर प्रदेश एवं हरियाणा से फीवर क्लिनिक स्थापित करने को कहें तकि लोगों को दिल्ली के अस्पताल ना आना पड़े।

नड्डा से मुलाकात के बाद दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘बैठक में मैंने डेंगू और चिकनगुनिया के मरीजों के उपचार के लिए एम्स, आरएमएल और सफदरजंग सहित सभी केंद्र संचालित अस्पतालों में 10 प्रतिशत बिस्तर आरक्षित करने की मांग की।’ नड्डाजी इससे सहमत हुए जिसके बाद केंद्र संचालित अस्पतालों में अतिरिक्त 1,000 बिस्तरों की व्यवस्था रहेगी।

राष्ट्रीय राजधानी में चिकुनगुनिया और डेंगू का लगातार प्रकोप बना हुआ है और मच्छर जनित इस बीमारी से मरने वाले लोगों की संख्या कल बढ़कर 30 हो गई है, जबकि इससे प्रभावित लोगों की संख्या 2,800 के आंकड़े को पार कर चुकी है।

डेंगू और चिकुनगुनिया की महामारी से निपटने के लिए रणनीति तैयार करने के उद्देश्य से कल जैन ने पड़ोसी राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ एक बैठक बुलाने की मांग रखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को एक पत्र लिखा था क्योंकि वहां समुचित स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण कई मरीज दिल्ली आ रहे हैं।

जैन ने कहा, एनसीआर से अधिकतर मरीजों के आने को देखते हुए मैं हरियाणा और उत्तर प्रदेश से भी फीवर क्लिनिक की स्थापना का अनुरोध करता हूं। एम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार 80 प्रतिशत मरीज एनसीआर से आ रहे हैं। बहरहाल, उन्होंने स्पष्ट किया कि पड़ोसी राज्यों से आने वाले किसी मरीज को दिल्ली सरकार ने अपने अस्पतालों में भर्ती करने से इनकार नहीं किया है।

उन्होंने कहा, अगर पड़ोसी राज्य फीवर क्लिनिक की स्थापना करते हैं तो यह यात्रा कर दिल्ली आने वाले लोगों के लिए सुविधाजनक होगा। दिल्ली सरकार ने अस्पतालों को पहले से ही निर्देश दिया है कि वे किसी मरीज को भर्ती करने से इनकार नहीं करें। उन्होंने कहा, हमारे अस्पतालों में करीब 1,500 बिस्तर खाली हैं। दिल्ली में स्थिति नियंत्रण में हैं।

नड्डा को कल लिखे पत्र में जैन ने कहा कि पड़ोसी राज्यों में समुचित स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण दिल्ली में चिकित्सा संस्थानों पर दबाव है और इसलिए प्रभावी तरीके से इस मुद्दे से निपटने और स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाने की जरूरत पर राज्यवार कार्रवाई की समीक्षा के लिए एनसीआर क्षेत्र के स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक बुलाई जानी चाहिए।

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