वडोदरा: गुजरात के 57वें स्थापना दिवस के मौके पर राज्य की मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल ने रविवार को कहा कि उनकी सरकार ने राज्य के 300 गांवों को स्मार्ट शहर की तर्ज पर आत्मनिर्भर बनाने का निर्णय किया है। आनंदीबेन ने यहां जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा, अब स्मार्ट शहर की वह संकल्पना स्मार्ट गांव तक पहुंच गई है। सरकार ने इस वर्ष 300 गांवों को आत्मनिर्भर, साफ और स्वच्छ बनाने का निर्णय किया है।
आनंदीबेन यहां से करीब 100 किलोमीटर दूर आदिवासी बहुल जिले के छोटा उदयपुर नगर में राज्य स्तरीय स्थापना दिवस समारोह में हिस्सा लेने के लिए आई हुई थीं। इस कार्यक्रम में गुजरात के राज्यपाल ओ पी कोहली को भी हिस्सा लेना है। उन्होंने इस मौके पर कई कदमों की घोषणा करते हुए कहा, सरकार नर्मदा जिले में एक आदिवासी विश्वविद्यालय की स्थापना करेगी, 100 से अधिक स्मार्ट आश्रम शाला, तीन करोड़ रुपए की लागत से आदिवासी छात्राओं के लिए 10 नए छात्रावास के साथ ही 10 करोड़ रुपए की लागत से समरस छात्रावास की भी स्थापना करेगी।
उन्होंने कहा, सरकार ने नौकरियों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण किया है जिसके तहत 2800 महिलाओं को पुलिस विभाग में नौकरी मिली है। इस वर्ष 22 हजार महिलाओं को नौकरी देने की योजना है। यह महिलाओं द्वारा संचालित दुग्ध सदनों के निर्माण के लिए 300 वर्ग मीटर जमीन और पांच लाख रुपए की सहायता के साथ ही 35 लाख महिलाओं के 2.50 सखी मंडलों को शीत केंद्र, दूध मशीन और भूसा काटने की मशीन मुहैया कराने के अलावा है।
उन्होंने कहा कि सभी के लिए स्वास्थ्य का लक्ष्य हासिल करने के लिए हमने अमृतम मां योजना के तहत गरीब एवं मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए कुछ योजनाएं शुरू की हैं जैसे 78 लाख महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर, सर्वाइकल कैंसर और मुंह के कैंसर की जांच करने और 1018 महिला कैंसर मरीजों की सुपर स्पेशिएलिटी अस्पतालों में मुफ्त में इलाज करना शामिल है। उन्होंने कहा कि साथ ही मा-वात्सल्य योजना के तहत आबंटन 33 प्रतिशत बढ़ाकर 160 करोड़ रुपए कर दिया गया है और सरकार ऐसे मरीजों के इलाज पर दो लाख रुपए तक का खर्च उठा रही है।
आनंदीबेन ने कहा, सरकार ने मधुमेह और रक्तचाप के मरीजों को मुफ्त दवा देने का निर्णय किया है। 108 एंबुलेंस सेवा में 100 वाहनों पर 102 करोड़ रुपए खर्च करने का भी निर्णय किया गया है। उन्होंने कहा, सरकार ने वर्तमान वित्तीय वर्ष में 27 हजार करोड़ रुपए किसानों, कृषि एवं संबंधित क्षेत्रों के लिए निर्धारित किए हैं जिसमें रबि फसल के लिए एक प्रतिशत के ब्याज पर तीन लाख रूपये तक कर्ज शामिल है।
उन्होंने कहा, पेयजल एवं सिंचाई के लिए 9500 करोड़ रुपए, सौराष्ट्र में बांध भरने के लिए 5200 करोड़ रुपए, तीन लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बूंद सिंचाई के लिए 765 करोड़ रुपए और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए 495 करोड़ रुपए शामिल हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बीज, खाद और किसान यंत्रों के लिए 126 करोड़ रुपए का खर्च वहन करेगी, 120 करोड़ रुपए किसानों को ट्रैक्टर-ट्रेलर खरीदने के लिए सहायता के तौर पर, किसानों को मवेशी खरीदने के लिए पांच प्रतिशत के ब्याज पर रिण दिए जाएंगे।