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हनुमान बेनीवाल ने किसान कानूनों के विरोध में NDA छोड़ने का किया ऐलान

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Dec 26, 2020 06:47 pm IST,  Updated : Dec 26, 2020 06:47 pm IST

एनडीए के सहयोगी दल राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी से सांसद हनुमान बेनीवाल ने किसान बिलों के विरोध में एनडीए छोड़ने की बड़ी घोषणा की है। उन्होनें कहा कि किसानों का स्वाभिमान ही मेरी ताकत है।

हनुमान बेनीवाल ने किसान कानूनों के विरोध में NDA छोड़ने का किया ऐलान- India TV Hindi
हनुमान बेनीवाल ने किसान कानूनों के विरोध में NDA छोड़ने का किया ऐलान (फाइल फोटो) Image Source : INDIA TV

जयपुर: एनडीए के सहयोगी दल राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी से सांसद हनुमान बेनीवाल ने किसान बिलों के विरोध में एनडीए छोड़ने की बड़ी घोषणा की है। उन्होनें कहा कि किसानों का स्वाभिमान ही मेरी ताकत है। किसान कानूनों को लेकर किसानों का विराध प्रदर्शन अभी भी जारी है। केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों ने शनिवार को सरकार के साथ बातचीत फिर से शुरू करने का फैसला किया और अगले दौर की वार्ता के लिए 29 दिसंबर की तारीख का प्रस्ताव भेजा है। 

किसान नेता राकेश टिकैत ने यह जानकारी दी। कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे 40 किसान यूनियनों के मुख्य संगठन संयुक्त किसान मोर्चा की एक बैठक में यह फैसला किया गया। भारतीय किसान यूनियन के वरिष्ठ नेता टिकैत ने हालांकि कहा कि तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने के लिए तौर-तरीके और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के लिए गारंटी का मुद्दा सरकार के साथ बातचीत के एजेंडे में शामिल होना चाहिए। 

टिकैत ने कहा, ‘‘ हमने 29 दिसंबर को सरकार के साथ वार्ता करने का फैसला किया है।" दिल्ली की तीन सीमाओं - सिंघू, टीकरी और गाजीपुर में हजारों किसान लगभग एक महीने से डेरा डाले हुए हैं। वे सितंबर में लागू तीन कृषि कानूनों को पूरी तरह से रद्द करने और एमएसपी पर कानूनी गारंटी देने की मांग कर रहे हैं। सरकार ने इन नए कृषि कानूनों को बड़े सुधार के रूप में पेश किया है, जिसका मकसद किसानों की मदद करना है। वहीं, प्रदर्शनकारी किसानों की आशंका है कि इससे मंडी और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की व्यवस्था खत्म हो जाएगी, जिससे उन्हें बड़े कॉरपोरेटों की दया पर निर्भर रहना पड़ेगा। 

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