नई दिल्ली: दिवाली से एक दिन पहले हवा के बहाव में ठहराव से दिल्ली के उपर धुंध की परत बन गई है। लगातार दो दिनों तक इस शहर को गंभीर वायु प्रदूषण झेलना पड़ेगा। वहीं दिवाली में आतिशबाजी से प्रदूषण के स्तर में और बढ़ोतरी होगी।
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दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा राष्ट्रीय राजधानी को गैस का चैंबर करार दिया गया था। यहां प्रदूषण दिवाली के दौरान तेजी से बढ़ता है क्योंकि हर जगह हानिकारक गैसें मौजूद रहती हैं।
दिल्ली सरकार ने 26 अक्तूबर को NASA द्वारा ली गई एक तस्वीर जारी की जिसमें हरियाणा और पंजाब में खर-पतवार जलाए जाने की वजह से पूरे उत्तर भारत पर धुंध की एक चादर दिखाई दे रही है। दिल्ली सरकार का कहना है कि शहर की वायु गुणवत्ता पर इसका बहुत प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
केन्द्र की एजेन्सी- सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च ने आज दोपहर पीएम 2.5 और पीएम 10 की औसत मात्रा (24 घंटे रोलिंग) क्रमश: 226 और 425 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर पेश की है। यदि कोई व्यक्ति इन अत्यधिक महीने कणों के संपर्क में लंबे समय तक रहता है तो उसे सांस की बीमारी हो सकती है। इनकी सुरक्षित सीमा 60 और 100 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर है।