सूरत: ठेले पर चाय-भजिया बेचने वाला आखिर कितनी कमाई कर सकता है? इसका अंदाजा कोई भी लगा सकता है। लेकिन गुजरात के सूरत में एक चायवाले के ठिकानों पर छापा पड़ा तो इनकम टैक्स वालों की आंखें भी फटी की फटी रह गईं। अब तक उसकी तीन सौ करोड़ से ज्यादा की संपत्ति का पता चला है। अलग-अलग बैंकों में उसके कई लॉकर्स भी खंगाले गए हैं जिनमें एक करोड़ से ज्यादा तो नए नोट जब्त किए गए हैं।
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इनकम टैक्सवाले तीन दिन से किशोर भजियावाले के ठिकानों पर छापे मार रहे हैं।छापे-दिन रात चल रहे हैं। रात के क़रीब 12 बज भी सूरत के उधना इलाके में पीपल्स को-ऑपरेटिव बैंक में इनकम टैक्स वाले किशोर भजियावाले के लॉकर्स खंगालने पहुंच गए जब पूरा हिसाब लगाया तो पता चला कि चायवाले की काली कमाई 300 करोड़ के करीब है।
काली कमाई के कुबेर
- 8 लॉकर्स में से करीब 180 किलो सोना
- 2.5 करोड़ की ज्यूलरी
- 1 करोड़ 8 लाख की नई करेंसी
- अलग-अलग 9 बैंक अकाउंट्स
- 200 से ज्यादा प्रॉपर्टी के पेपर मिले हैं
- इसके अलावा 23 लाख कैश घर से जब्त हुआ है
इनकम टैक्स अधिकारी भी दंग रह गए
इतना काला खजाना देखकर खुद आयकर विभाग वाले भी दंग रह गए। भजियावाला का सूरत के वेसु इलाके में करीब 25 करोड़ की लागत से तो एक अलीशान बंगला भी बन रहा है, लेकिन अब इनकम टैक्स वालों ने इस चाय-भजियावाले का पूरा कच्चा चिट्ठा सामने रख दिया तो किशोर भजियावाले की बोलती बंद हो गई। किशोर भजियावाला के घर पर हुई आईटी की रेड में 23 लाख रुपये की नई करंसी मिली थी.. इसके बाद से वो आयकर विभाग के रडार पर आ गया..किशोर भजियावाला बड़े पैमाने पर सूद पर पैसे लगाने का धंधा करता था...और पैसे नहीं देने वालों के प्रॉपर्टी हड़प लेता था..
बैंक अकाउंट में डेढ़ करोड़ जमा कराए थे
तीस साल पहले सूरत में सड़क किनारे 25 पैसे कप चाय बेचने वाले किशोर आज लोग फायनान्सर किशोर भजियवाला के नाम से पहचानते हैं। नोटबंदी की वजह से इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की पैनी नजर में ये तब आया जब उसने अपने बैंक अकाउंट में डेढ़ करोड़ रुपये जमा करवाए। गुजरात के इस अरबपति चायवाले के खिलाफ जैसे ही इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की कार्रवाई शुरू हुई। वैसे ही किशोर भजियावाला की तबियत अचानक बिगड़ गई। यहां तक इनकी पत्नी और दोनों बेटों ने भी पूछताछ से बचने के लिए बीमारी का बहाना बनाकर अस्पताल में भर्ती हो गए हैं।
सूद का बड़ा कारोबार
आईटी की जांच में किशोर पर बैंक अफसरों की मदद से गलत तरीके से पुरानी करंसी को नई करंसी में बदलने का आरोप है। किशोर अपने 400 लोगों को बैंक लाइन में खड़ा रखकर 4000 रुपये बदलवाता था। आरोप है कि किशोर भजियावाला सूद पर जरुरतमंदों को पैसे देता था। और इसके एवज में उनकी प्रापर्टी अपने नाम लिखवा लेता था। यहां तक ही वो पैसे वापस नहीं करने वाली महिलाओं के मंगलसूत्र भी अपने पास रख लेता था। एक समय ऐसा भी था, जब वह सेठों को चाय-भजिया बनाकर खिलाता था, बाद में उसने उन्हीं सेठों को ब्याज पर रुपए देना शुरू कर दिया।