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हज की प्रक्रिया को 100 फीसदी डिजिटल बनाने वाला पहला देश बना भारत: नकवी

 Reported By: Bhasha
 Published : Dec 01, 2019 08:13 pm IST,  Updated : Dec 01, 2019 08:13 pm IST

केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने रविवार को हज 2020 के लिए सऊदी अरब के साथ द्विपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए और कहा कि भारत दुनिया का पहला देश बन गया है जहां अगले साल के हज की प्रक्रियाएं डिजिटल प्लेटफार्म के जरिये पूरी की जाएंगी।

Mukhtar Abbas Naqvi - India TV Hindi
Union Minister for Minority Affairs Mukhtar Abbas Naqvi performs Umrah at Makkah Mukaramma (Makkah-Medinah), Mecca Image Source : PTI

नई दिल्ली: केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने रविवार को हज 2020 के लिए सऊदी अरब के साथ द्विपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए और कहा कि भारत दुनिया का पहला देश बन गया है जहां अगले साल के हज की प्रक्रियाएं डिजिटल प्लेटफार्म के जरिये पूरी की जाएंगी। उन्होंने यह भी कहा कि ऑनलाइन आवेदन, ई-वीजा, हज पोर्टल, हज मोबाइल ऐप, "ई-मसीहा" स्वास्थ्य सुविधा, मक्का-मदीना में ठहरने वाले भवन/यातायात की जानकारी भारत में ही देने वाली "ई-लगेज टैगिंग" व्यवस्था से भारत से मक्का-मदीना जाने वाले हज यात्रियों को जोड़ा गया है।

नकवी ने जेद्दा में सऊदी अरब के हज एवं उमरा मंत्री मुहम्मद सालेह बिन ताहिर के साथ भारत-सऊदी अरब के बीच हज 2020 के सम्बन्ध में द्विपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए। अल्पसंख्यक मंत्रालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक नकवी ने जेद्दा में कहा, "एयरलाइन्स द्वारा हज यात्रियों के सामान की डिजिटल प्री-टैगिंग की व्यवस्था की गई है जिससे भारत से जाने वाले हज यात्रियों को यहीं पर सभी प्रकार की जानकारी मिल जाएगी। मसलन हज यात्रियों को मक्का-मदीना में किस इमारत के किस कमरे में ठहरने और हवाई अड्डे पर उतरने के बाद किस नंबर की बस लेना होगा जैसी जानकारियां होंगी।''

उन्होंने कहा कि इसके अलावा हज यात्रियों के सिम कार्ड को हज मोबाइल ऐप से लिंक करने की व्यवस्था की गई है जिससे हज यात्रियों को मक्का-मदीना में हज से सम्बंधित नवीनतम जानकारियां तत्काल प्राप्त होती रहेंगी। इस वर्ष हज यात्रियों को सभी प्रकार की जानकारी मुहैया कराने एवं पूरी हज प्रक्रिया में मदद के लिए 100 टेलीफोन लाइन का सूचना केंद्र हज हाउस, मुंबई में शुरू किया गया है। नकवी ने कहा, "जहां एक तरफ भारत में सभी हज यात्रियों को हेल्थ कार्ड दिए जाने की व्यवस्था की गई है वहीं दूसरी तरफ सऊदी अरब में भारतीय हज यात्रियों के लिए "ई-मसीहा" स्वास्थ्य सुविधा दी गई है जिसमे प्रत्येक हज यात्री की सेहत से जुडी सभी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध रहेंगी जिससे किसी भी आपात स्थिति में फौरन किसी हज यात्री को मेडिकल सेवा उपलब्ध कराई जा सकेगी।''

नकवी ने कहा, "हज ग्रुप ऑर्गनाइजर्स को भी सौ प्रतिशत डिजिटल कर पोर्टल से जोड़ दिया गया है, जिसके चलते पारदर्शिता और हज ग्रुप ऑर्गनाइजर्स के जरिये जाने वाले हज यात्रियों को आसानी हुई है। पहली बार पारदर्शिता और हज यात्रियों की सहूलियत के लिए हज समूह आयोजकों का भी पोर्टल बनाया गया जिसमे सभी अधिकृत एचजीओ के पैकेज आदि सभी जानकारी दी गई हैं।'' नकवी ने कहा कि पिछले लगभग 4 वर्षों के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के डिजिटल इंडिया अभियान के तहत ही अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा हज सहित सभी अन्य योजनाओं को भी शत-प्रतिशत डिजिटल/ऑनलाइन करने की दिशा में प्रभावी एवं सफल कदम उठाए गए हैं।

नकवी ने कहा कि जेद्दा में भारतीय वाणिज्य दूतावास, सऊदी अरब की सरकार एवं अन्य सम्बंधित एजेंसियां हज 2020 को सफल, सुगम बनाने के लिए सहयोग कर रहे हैं। 2020 में 2 लाख भारतीय मुसलमान बिना किसी हज सब्सिडी के हज यात्रा पर जायेंगे। मंत्री के मुताबिक 30 नवंबर तक भारतीय हज कमेटी को कुल 176, 714 आवेदन मिले थे। आवेदन की आखिरी तिथि पांच दिसंबर है। नकवी ने कहा कि सऊदी अरब की सरकार ने भारत के हज यात्रियों की सुरक्षा-सुविधा के सम्बन्ध में हमेशा से ही सक्रिय रूचि दिखाई है जो भारत और सऊदी अरब के मजबूत रिश्तों का ही एक हिस्सा है। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब के शाह सलमान बिन अब्दुल अजीज अल सऊद एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दोनों देशों के संबंधों को नई ऊंचाई मिली है।

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