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जानिए किन हालातों में लद्दाख में LAC पर डटे हैं भारतीय सेना के जवान

 Written By: IANS
 Published : Oct 06, 2020 11:12 pm IST,  Updated : Oct 06, 2020 11:12 pm IST

अधिकारी ने कहा, "इन ऊंचाइयों पर ना तो कोई अस्थायी ढांचा बनाया गया है, ना ही यहां कोई सड़क या बुनियादी ढांचा है।" 

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india china border indian army deployed in minus twenty degree temperature । जानिए किन हालातों में लद्दाख में LAC पर डटे हैं भारतीय सेना के जवान Image Source : AP (FILE)

नई दिल्ली. विवादित भारत-चीन सीमा से लगी हिमालय की महत्वपूर्ण पर्वत चोटियों और दरें में तापमान घटकर माइनस 20 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है, जिससे इन इलाकों में तैनात दोनों पक्षों के हजारों सैनिकों के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। इस बीच भारत और चीन के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के पूर्वी लद्दाख के गतिरोध को लेकर सातवीं बार 12 अक्टूबर को मिलने की उम्मीद है।

हालांकि, पिछली सभी वार्ताएं विफल रही हैं, जिससे मामले के जल्दी सुलझने की उम्मीदें घटी हैं। बल्कि पिछले महीनों में सैनिकों को 17,000 फुट तक ऊंची चोटियों पर उतारा गया है, ये ऐसे दुर्गम इलाके हैं जहां सैनिकों को लाने ले-जाने में खासा समय लगता है। इससे पहले 29 अगस्त को भारत ने अंधेरे में चुपके से एक ऑपरेशन चलाकर दक्षिणी तट पर पैंगोंग त्सो झील के पास 16,000 फुट की ऊंचाइयों और पर्वत के दरें पर कब्जा कर लिया था। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "इन बिंदुओं पर केवल भोजन और पानी ही पहुंच पा रहा है।"

परमाणु-सशस्त्र राष्ट्रों के बीच छह महीने से चल रहा सीमा विवाद अब धैर्य की परीक्षा ले रहा है, क्योंकि दोनों ही पक्ष युद्ध के लिए तैयार नजर आते हैं। एक महीने से अधिक समय से चोटियों पर जमे सैनिकों में स्पेशल फ्रंटियर फोर्स (एसएफएफ) के लोग शामिल हैं। यह एक विशेष बल है, जिसमें तिब्बती शरणार्थियों को शामिल किया गया था। वहीं चीन ने भी भारतीय सेना से कुछ मीटर की दूरी पर अपने सैनिकों को तैनात किया हुआ है। एसएफएफ की टुकड़ियां 13 महत्वपूर्ण ऊंचाइयां हासिल कर चुकी हैं।

अधिकारी ने कहा, "इन ऊंचाइयों पर ना तो कोई अस्थायी ढांचा बनाया गया है, ना ही यहां कोई सड़क या बुनियादी ढांचा है।" 

चीन भी ऐसी ही स्थिति में है और रसद आदि की समस्या झेल रहा है। हालांकि ऐसे मुश्किल हालातों में भी सेना हाई अलर्ट पर है क्योंकि पीएलए ने कुछ महत्वपूर्ण ऊंचाइयों पर सैनिकों को केवल कुछ मीटर की दूरी पर तैनात किया है। एक सूत्र ने कहा कि जब तक चीन पूरी तरह से अपने सैनिकों को वापस नहीं ले लेता, तब तक इन ऊंचाइयों से भारत अपने सैनिकों में कोई कमी नहीं करेगा। बता दें कि भारत और चीन के बीच एलएसी पर छह महीने से गतिरोध जारी है। कई स्तरों पर संवाद के बावजूद कोई सफलता नहीं मिली है और गतिरोध जारी है

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