नई दिल्ली: भारत के नाम आज एक बड़ी उपलब्धि शामिल हो गई। सिर्फ 12 महीने के कम समय में HAL ने मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट के तहत स्वदेशी तकनीक से एक ट्रेनर एयरक्राफ्ट तैयार कर दिया। आज इसके उद्घाटन उड़ान में रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने भी इसमें बैठकर इसका सफल परीक्षण किया।
फिलहाल इंडियन एयरफोर्स में विदेशी प्लाट्स एयरक्राफ्ट ट्रेनिंग के लिए यूज किया जाता है। इसे तीनों सेनाओं के कैडेट्स को ट्रेंड करने में यूज किया जाएगा। कॉकपिट में बैठ कर पर्रिकर ने कहा- मेक इन इंडिया की यह कामयाबी है।
इस विमान को ग्रूप कैप्टन सी सुब्रमण्यम और ग्रूप कैप्टन वेणुगोपाल ने एचएएल हवाई अड्डा से करीब 10 से 15 मिनट उड़ाया ।
तीनों सेनाओं के सभी फ्लाइंग कैडेटों के लिए पहले स्तर का प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए उपयोग किये जाने के मकसद से तैयार किये जाने वाले इस विमान एटीटी-40 ने पहली उड़ान 31 मई को भरी थी । भारतीय वायु सेना 70 एसटीटी-40 विमान खरीद सकती है।
एचटीटी-40 के विस्तृत डिजाइन चरण को अगस्त 2013 में पेश किया गया था और यह एचएएल के आंतरिक वित्तपोषण से हुआ था और मई 2015 में पूरा हुआ था । इसके बाद से पहले प्रोटोटाइप के उड़ान भरने के लिए 12 माह का समय लगा था ।
इस मौके पर पर्रिकर ने एचएएल की टीम को बधाई देते हुए कहा, युवा टीम ने सिर्फ एक साल के छोटे से समयांतराल में इस एयरक्राफ्ट को तैयार किया और उड़ने लायक बना दिया। इस एयरक्राफ्ट में करीब 80% उपकरण स्वदेशी हैं। जबकि करीब 50% उपकरण निजी कंपनियों द्वारा तैयार किया गया है। ये एयरक्राफ्ट निजी कंपनियों और छोटे उद्यमियों के साझा प्रयास का नतीजा है। भारतीय वायु सेना इस एयरक्राफ्ट से काफी खुश होगी।