नई दिल्ली: मणिपुर से अफ़स्पा हटाने के लिए पिछले 16 साल से भूख हड़ताल कर रही इरोम शर्मिला ने आज इंफाल में अपना अनशन खत्म कर दिया है। उन्होंने जमानत बॉन्ड पर हस्ताक्षर किए। भूख हड़ताल कर रही इरोम शर्मिला ने कहा है कि अब वो आज़ाद होना चाहती हैं।
इरोम ने इंफ़ाल की एक अदालत में दिए बयान में कहा, ''मुझे एक अजीब महिला के रूप में देखा जा रहा है। लोग कहते हैं कि राजनीति गंदी होती है लेकिन समाज भी तो गंदा है। मैं सरकार के खिलाफ चुनाव में खड़ी होऊंगी। मैं सबसे कटी हुई थी।''
उन्होंने कहा, ''मैंने महात्मा गांधी के सिद्धांतों का पालन किया। मेरा ज़मीर कैद था। मुझे अब आज़ाद होना होगा। मुझे अब रणनीति बदलनी होगी। मुझे लोग एक इंसान के तौर पर क्यों नहीं देख सकते। जब मैं अपना अनशन तोड़ूंगी, तो मेरे खिलाफ लगे आरोपों में जमानत मिल जाएगी। मैं अपील करती हूं कि मुझे आजाद किया जाए।''
साल 2000 में उन्होंने अपने अनशन की शुरुआत की थी और तब से उन्हें जिंदा रखने के लिए पाइप के जरिए जबरन लिक्विड डाइट दी जाती है। कुछ दिन पहले इरोम ने अनशन खत्म कर राजनीति में उतरने का फैसला किया था। उनका मानना है कि वह अपने मुद्दों को अब राजनीति के जरिए उठाएंगीं। 44 साल की इरोम ने शादी की भी इच्छा जताई थी।