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कश्मीर में टेंशन! पर्यटकों को होटल खाली कर घाटी छोड़ने को कहा गया, एयर टिकट का भी इंतजाम करेगी सरकार

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Aug 04, 2019 05:01 pm IST,  Updated : Aug 04, 2019 06:16 pm IST

घाटी में कुछ बड़ा होने की खबरों के बीच जम्मू-कश्मीर पर्यटन पुलिस विभाग ने सोमवार तक सभी पर्यटकों को अपने होटल छोड़ने के लिए सभी होटल और रिसॉर्ट्स को कहा है।

Representational Image- India TV Hindi
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श्रीनगर: घाटी में कुछ बड़ा होने की खबरों के बीच जम्मू-कश्मीर पर्यटन पुलिस विभाग ने सोमवार तक सभी होटल और  रिसॉर्ट्स से पर्यटकों को होटल छोड़ने के लिए कहा है। अगर पर्यटकों के पास यात्रा टिकट की व्यवस्था नहीं है तो सरकार श्रीनगर हवाई अड्डे से इसकी व्यवस्था भी करेगी। शीर्ष सूत्रों ने कहा कि सुरक्षा बलों को घाटी में शिकंजा कसने के लिए अगले 24 घंटों में तैयार रहने के लिए कहा गया है। एक सरकारी सूत्र ने कहा, "हमने अमरनाथ यात्रियों और पर्यटकों को घाटी से निकलने के लिए 72 घंटों का समय दिया है।" घाटी में शिकंजा कसने की खबरें फैलने के बाद एटीएम स्टोरों और पेट्रॉल पंपों पर भीड़ उमड़ आई है।

इस बीच रिपोर्ट्स आ रही हैं कि राज्य में जम्मू, घाटी और लद्दाख को तीन केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के विचार पर भी काम किया जा रहा है। एक आम कश्मीरी के लिए, इस समय प्राथमिकता पूरी तरह अलग है। इस समय उसकी चिंता राशन, दवाइयां, खाद्य तेल, नमक, चाय, दालें और सब्जियां इकट्ठा करना है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल की गुप्त कश्मीर यात्रा ने अफवाहों को हवा दे दी है। कहा गया कि वे अमरनाथ यात्रा के लिए आए थे। लेकिन क्या एनएसए के पास श्रीनगर में तीन दिन बिताने का समय है? अधिकारियों ने कहा कि यहां रुकने के दौरान उन्होंने (डोभाल) किसी सुरक्षा बैठक में हिस्सा नहीं लिया। लेकिन यह किसी ने नहीं कहा कि वह छुट्टी पर हैं। खबरों के मुताबिक, अमरनाथ गुफा के पास एक टेंट में उन्होंने थलसेना अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत से मुलाकात की।

राज्य प्रशासन और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर अभ्यास करने के बीच कश्मीरियों ने लंबे समय तक कर्फ्यू लगे रहने की आशंका के कारण जरूरी सामान जुटाने व अन्य तैयारियां शुरू कर दी हैं। राज्यपाल सत्यपाल मलिक और उनके सलाहकारों ने सोशल मीडिया पर चल रही खबरों को अफवाहें और झूठे सरकारी आदेश बताते हुए उन्हें बकवास बताया है।

मलिक ने दो दिन पहले मीडिया से कहा था, "कश्मीर में हमेशा से अफवाहें फैलती रही हैं। अगर लाल चौक पर किसी को छींक भी आ जाए, तो राजभवन में मुझे बताया जाता है कि वहां विस्फोट हो गया। बाकी आप निश्चिंत रहें, सब सही और सामान्य है।" उन्होंने इसके बाद कल (शुक्रवार) कहा था कि अनुच्छेद 35ए को निरस्त करने की किसी भी स्तर पर कोई योजना नहीं है। यह अनुच्छेद राज्य की विधायिका को राज्य के स्थायी निवासी को परिभाषित करने की अनुमति देता है। राज्य प्रशासन मानता है कि राज्यपाल का यह बयान अफवाहों को खत्म करने के लिए पर्याप्त है। (आईएएनएस इनपुट के साथ)

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