श्रीनगर: जम्मू कश्मीर के बारामूला में 46वीं राष्ट्रीय रायफल्स के कैंप पर रविवार रात आतंकी हमला हुआ। जवाबी कार्रवाई में दो आतंकी मारे गए जबकि एक जवान नितिन शहीद हो गया। मुठभेड़ में तीन जवान गायल हुए हैं जिन्हें राष्ट्रीय राइफल्स के बटालियन हेडक्वार्टर में शिफ्ट किया गया है। गोलीबारी थमने के बाद सुरक्षाबलों ने इलाके को घेर लिया है और सर्च आपरेशन के जरिए आतंकियों की तलाश जारी है। बीएसएफ के डीआईजी और सीओ मौके पर पहुंच गए हैं। बताया जा रहा है कि हालात नियंत्रण में हैं।
ख़बरों के अनुसार ये हमला कल रात साढ़े दस बजे हुआ। दो अलग अलग गुटों में आए आतंकी आर्मी कैंप में घुसने की फिराक में थे। करीब डेढ़ घंटे तक दोनों तरफ से ज़बरदस्त फायरिंग हुई।
श्रीनगर स्थित पंद्रहवीं कोर के प्रवक्ता कर्नल राजेश कालिया ने बताया कि बारामूला के जांबाजपोरा में आतंकवादियों ने सैन्य शिविर पर गोलियां चलायीं। यहां से करीब 54 किलोमीटर दूर बारामूला के आसमान में सेना ने आतंकवादियों की स्थिति का पता लगाने के लिए रौशनी करने वाली फायरिंग की। ये आतंकवादी राष्ट्रीय राइफल्स की 46 बटालियन में घुसे थे। सूत्रों ने बताया कि शिविर के समीप के मकानों से कुछ गोलीबारी हुई। यह शिविर झेलम के तट पर है। उधमपुर स्थित उत्तरी कमान के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर कहा गया, बारामूला घटना की स्थिति काबू में।
अधिकारियों ने बताया कि शहीद हुए जवान की पहचान कांस्टेबल नितिन के रूप में की गई है और घायल हुए एक अन्य जवान की पहचान कांस्टेबल पुलविंदर के रूप में हुई है। दोनों सीमा सुरक्षा बल की 40वीं बटालियन के जवान थे। गृह मंत्री राजनाथ सिंह एवं राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने इस घटना पर विचारविमर्श किया और बलों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। सिंह ने बीएसएफ के महानिदेशक के.के.शर्मा से भी बात की और उनसे घायल जवान को सभी संभावित उपचार मुहैया कराने को कहा।
भारतीय सेना ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी ठिकानों पर पिछले सप्ताह लक्षित हमले किए थे जिसके बाद आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों पर यह पहला बड़ा हमला किया है। यह हमला इस खुफिया सूचना के बावजूद हुआ है कि 29 सितंबर को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में भारतीय सेना के लक्षित हमले के बाद जम्मू कश्मीर में सुरक्षा प्रतिष्ठानों पर आतंकवादी हमला हो सकता है। यह हमला यहां से 102 किलोमीटर दूर स्थित उरी में सेना के ब्रिगेड मुख्यालय पर हुए आतंकी हमले के एक पखवाड़े के बाद हुआ है। उरी हमले में 19 सैनिक शहीद हुए थे।