नई दिल्ली: दिल्ली की एक अदालत ने आई टी कर्मचारी जिगिशा घोष हत्या मामले में दो दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है। जिगिशा की वर्ष 2009 में अपहरण के बाद हत्या कर दी गई थी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संदीप यादव ने दो दोषियों रवि कपूर और अमित शुक्ला को मौत की सजा सुनाई है, जबकि तीसरे दोषी बलजीत मलिक को उम्रकैद की सजा दी है। इससे पहले साकेत कोर्ट ने बीस अगस्त को सजा पर बहस पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था।
दिल्ली के साकेत कोर्ट ने आईटी प्रोफेशनल जिगिषा घोष हत्याकांड में दो दोषियों रवि कपूर और अमित शुक्ला को मौत की और तीसरे दोषी बलजीत मलिक को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने रवि पर 20 हजार, अमित पर एक लाख और बलजीत पर तीन लाख का जुर्माना भी लगाया। कोर्ट ने पिछले महीने ही तीनों आरोपियों को दोषी ठहराया था।
उल्लेखनीय है कि जिगिशा की मार्च 2009 में सात साल पहले हत्या कर दी गयी थी। जिगिशा की लाश हरियाणा के सूरजकुंड के पास दो दिन बाद मिली थी। कोर्ट ने इस मामले में तीन आरोपियों अमित शुक्ला, बलजीत और रवि कपूर को मर्डर, आपराधिक साजिश रचने, किडनैप, लूट और हथियारों के इस्तेमाल के मामले में दोषी पाया। आरोपियों ने जिगिशा के साथ ही टीवी जर्नलिस्ट सौम्या घोष का भी मर्डर किए जाने की बात कबूल की है। जिगिशा घोष (28) नोएडा के एक कॉल सेंटर में काम करती थी।