लखनऊ। प्रयागराज में अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत मामले में शिष्य आनंद गिरी को हरिद्वार में हिरासत में लिया गया है। यूपी के ADG लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने बताया कि महंत नरेंद्र गिरी की मौत के मामले आनंद गिरी को हरिद्वार से हिरासत में लिया गया है। बता दें कि, अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि सोमवार को यहां प्रयागराज स्थित अपने बाघंबरी गद्दी मठ में मृत मिले। नरेंद्र गिरि का शव फांसी से फंदे पर लटका मिला है। पुलिस को शव के पास से 5 पन्नों का सुसाइड नोट भी बरामद किया है, जिसमें उन्होंने एक शिष्य से दुखी होने की बात कही गई है।
आनंद गिरी और बड़े हनुमान मंदिर के मुख्य पुजारी को हिरासत में लिया गया
आद्या तिवारी और बेटे संदीप तिवारी को प्रयागराज पुलिस ने हिरासत में लिया है। आद्या बड़े हनुमान मंदिर के मुख्य पुजारी हैं। सुसाइड नोट में संदीप तिवारी और उनके पिता आद्या तिवारी पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है। हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। प्रयागराज में अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत मामले में शिष्य आनंद गिरी को हरिद्वार में हिरासत में लिया गया है। यूपी के ADG लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने बताया कि महंत नरेंद्र गिरी की मौत के मामले आनंद गिरी को हरिद्वार से हिरासत में लिया गया है। यूपी पुलिस की टीम आनंद गिरि के हरिद्वार आश्रम में पहुंची है। महंत नरेंद्र गिरि आत्महत्या केस में पूछताछ होगी। आनंद गिरि के आश्रम पर उत्तराखंड पुलिस की टीम पहले से मौजूद है।
सुसाइड नोट में आनंद गिरि को खुदकुशी का जिम्मेदारी ठहराया गया- प्रशांत कुमार
यूपी के ADG लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने बताया कि सुसाइड नोट में खुदकुशी के लिए आनंद गिरि को जिम्मेदार बताया गया है। सुसाइड नोट में आनंद गिरि को खुदकुशी का जिम्मेदारी ठहराया गया है। सुसाइड नोट में आनंद गिरी के साथ 2 शिष्यों और का नाम का भी जिक्र है। महंत नरेंद्र गिरि की मौत पर प्रयागराज के आईजी केपी सिंह ने बताया कि सुसाइड नोट में कई तरह की बातों का जिक्र किया गया है। ऐसा लगता है महंत नरेंद्र गिरि शिष्य से दुखी थे। वसीयतनामा की तरह सुसाइड नोट मिला है। प्रयागराज में अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ समेत कई बड़े नेताओं ने दुख व्यक्त किया है।
महंत जी ने आत्महत्या नहीं की, उनकी हत्या हुई है- आनंद गिरी
अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी की संदिग्ध हालात में मौत मामले में सुसाइड नोट में करीबी शिष्य आनंद गिरी का नाम आने पर सफाई दी है। महंत नरेंद्र गिरि के शिष्य आनंद गिरि ने इंडिया टीवी के साथ विशेष बातचीत में कहा कि मेरा नरेंद्र गिरि से कोई विवाद नहीं था। पूरा मामला एक साजिश है। मुझे साजिश में फंसाया जा रहा है। महंत जी ने आत्महत्या नहीं की है उनकी हत्या हुई है। बड़ी-बड़ी हवेली वालों ने साजिश रची है। हनुमान जी का पैसा लूटा जा रहा था। नरेंद्र गिरि जी ने मेरी वजह से आत्महत्या नहीं की है। मठ की संपत्ति के लिए दूसरों से विवाद था, मुझसे नहीं। करोड़ों की हवेलियों में रहने वालों ने साजिश रची है। आनंद गिरि ने प्रदेश सरकार से निष्पक्ष जांच की गुजारिश की है।
नरेंद्र गिरि के कमरे से मिले सुसाइड नोट में आनंद गिरि का है जिक्र
आनंद गिरि ने कहा कि मठ के पैसों पर कई लोगों की नजर थी। मठ के पैसे चुराने वालों ने महंत जी की हत्या की। मठ के पैसों से लोगों ने बड़े-बड़े घर बनाए। महंत जी की हत्या में मुझे फंसाया जा रहा है। मेरे गुरुजी आत्महत्या नहीं कर सकते। बता दें कि महंत नरेंद्र गिरि के कमरे से जो सुसाइड नोट मिला है उसमें शिष्य आनंद गिरि को खुदकुशी के लिए जिम्मेदार बताया गया है। प्रयागराज के आईजी केपी सिंह ने कहा कि नरेंद्र गिरी ने सुसाइड नोट में वसीयत नामा लिखा। सुसाइड नोट में आनंद गिरी को खुदकुशी का जिम्मेदार हठराया गया। सुसाइड नोट में कई तरह की बातों का जिक्र किया गया है। ऐसा लगता है महंत नरेंद्र गिरि अपने शिष्य आनंद गिरि से दुखी थे।