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June Mahasanyog: 15 जून को 30 साल बाद बन रहा है सोमवती अमावस्या और अधिकमास का दुर्लभ संयोग, इस शुभ दिन पर करें ये 3 काम, मिलेगी बड़ी सफलता

 Written By: Laveena Sharma @laveena1693
 Published : Jun 12, 2026 09:28 am IST,  Updated : Jun 12, 2026 09:31 am IST

June Mahasanyog 2026: जून की 15 तारीख धार्मिक दृष्टि से काफी खास मानी जा रही है। दरअसल इस दिन पूरे 30 सालों बाद अधिकमास और सोमवती अमावस्या का शुभ संयोग बन रहा है। ऐसे में इस दिन कुछ विशेष उपायों को करने से आप अपने सुखों में वृद्धि कर सकते हैं।

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15 जून का दुर्लभ संयोग Image Source : INDIA TV

June Mahasanyog 2026: 15 जून को बेहद दुर्लभ और खास महासंयोग बनने जा रहा है। दरअसल इस दिन सोमवती अमावस्या और अधिकमास का शुभ संयोग रहेगा। ज्योतिष की मानें तो ऐसा संयोग पूरे 30 सालों बाद बन रहा है। इस शुभ दिन पर भगवान विष्णु और महादेव की उपासना बेहद फलदायी साबित होगी। इसके अलावा अगर आप इस दिन 3 विशेष उपाय करते हैं तो इससे आपके जीवन की हर परेशानी का अंत हो जाएगा। चलिए जानते हैं ये कौन से उपाय हैं।

15 जून को जरूर करें ये 3 काम

15 जून को सोमवती अमावस्या और अधिमास के शुभ संयोग में भगवान विष्णु और भगवान शिव की विधि विधान पूजा करें। उन्हें खीर, मालपुए, फल, मिठाई इत्यादि चीजों का भोग लगाएं। साथ में ये 3 उपाय करना भी न भूलें। कहते हैं इन उपायों को करने से व्यक्ति की समस्त मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं।

1. पवित्र स्नान 

15 जून को किसी पवित्र नदी में स्नान जरूर करें। अगर नदी स्नान संभव न हो तो घर पर ही नहाने के पानी में थोड़ा सा गंगाजल मिलाकर स्नान करें। कहते हैं अधिकमास और सोमवती अमावस्या के शुभ संयोग में पवित्र स्नान करने से व्यक्ति को उसके सभी पापों से छुटकारा मिल जाता है। साथ ही पितरों की आत्मा को भी शांति मिलती है। इस स्नान के लिए सूर्योदय से पहले उठ जाएं। स्नान करने के बाद सूर्य को अर्घ्य भी जरूर दें। इस उपाय को करने से आपके जीवन की समस्त बाधाओं का अंत हो जाएगा।

2. तर्पण और दान 

अमावस्या के दिन पितरों का तर्पण करने का भी विशेष महत्व माना जाता है। 15 जून को अधिकमास की सोमवती अमावस्या है, ऐसे में इस दिन अगर आप पितरों की शांति के उपाय करते हैं तो ये आपके लिए बेहद फलदायी साबित होगा। इस दिन दक्षिण दिशा की तरफ मुख करके अपने पितरों के नाम से जल अर्पित करें। इसके बाद किसी जरूरतमंद को अनाज, काले तिल और वस्त्रों का दान करें। 

3. पीपल के पेड़ की पूजा 

अमावस्या की शाम में पीपल के पेड़ की जड़ में काले तिल मिला जल जरूर अर्पित करें। इसके बाद वहां घी का दीपक जलाएं। दीपक जलाने के बाद पेड़ की 11 या 108 बार परिक्रमा करें। कहते हैं इस उपाय को करने से समस्त देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त हो जाती है। आप चाहें तो पीपल के पेड़ पर पानी में कच्चा दूध मिलाकर भी चढ़ा सकते हैं।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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