ईरान के विदेश मंत्री ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर धमकियां जारी रहीं तो अंतिम समझौते पर बातचीत शुरू नहीं होगी। उनके ये बयान ट्रंप द्वारा ईरान के ख़िलाफ़ सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दोहराने के कुछ घंटों बाद आए। ईरान के ख़िलाफ़ अपनी हालिया धमकियों में ट्रंप ने कहा. “हमें रियायतें मिली हैं। अब उन्हें उन रियायतों को बनाए रखना होगा, लेकिन कोई परमाणु हथियार नहीं होगा। हमें मिलने वाला है, जिसे मैं 'डस्ट' (धूल) कहता हूं, एनरिच्ड मटीरियल, जिसे मैं न्यूक्लियर डस्ट कहता हूं... वह हमें मिल रहा है।”
ईरान की धमकी पर ट्रंप ने क्या क्या कहा?
- मैं एक ही वजह से, बहुत मज़बूती से आगे बढ़ा था कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं हो सकता।
- मैं शासन बदलने (रीजीम चेंज) की कोशिश नहीं कर रहा हूं, हालांकि यह शासन बदलना ही है। पहला शासन चला गया, दूसरा शासन चला गया और मुझे लगता है कि तीसरा शासन ज़्यादा समझदार है, लेकिन देखते हैं क्या होता है।”
- हमारी महान नौसेना, जिसने अब तक की सबसे बड़ी नाकेबंदी की है, दो महीनों में एक भी जहाज़ नहीं निकल पाया और फिर हमने नाकेबंदी हटा दी क्योंकि हम शायद समझौता करने के करीब हैं।
- हम किसी न किसी तरह जीतेंगे ही। या तो हम समझौता करेंगे, या फिर हम काम पूरा कर देंगे, ठीक है? और काम पूरा करना मुश्किल नहीं होगा।
- मैं समझौता करना ज़्यादा पसंद करूंगा क्योंकि मैं 9.1 करोड़ लोगों पर असर नहीं डालना चाहता।
- हम एक घंटे में उनके पुल गिरा सकते हैं। हम उनकी ऊर्जा आपूर्ति, उनके बनाए गए सभी बड़े प्लांट को नष्ट कर सकते हैं।
- उनके पास बहुत पैसा था। अब उनके पास कोई पैसा नहीं है। हमने उन्हें कोई पैसा नहीं दिया है। लेकिन हम उनकी बिजली और बिजली बनाने वाले प्लांट को, मैं कहूंगा, दोपहर के एक छोटे से हिस्से में नष्ट कर सकते हैं। हर प्लांट खत्म हो जाएगा। और वे यह बात जानते हैं।
ट्रंप ने NATO से 'बहुत निराशा' जताई
NATO समिट के लिए तुर्की पहुंचे अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान के साथ उनके टकराव पर यूरोप में NATO सहयोगियों के रवैये से उन्हें "बहुत निराशा" हुई। तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन से मुलाकात के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, "मैं NATO से बहुत निराश था। हमें किसी मदद की ज़रूरत नहीं थी, और एक तरह से मैं लोगों की परीक्षा ले रहा था; मैं यह देखना चाहता था कि वे साथ देंगे या नहीं, क्योंकि मैंने लंबे समय से कहा है कि हमने उनकी मदद की है, लेकिन मुझे पक्का नहीं है कि वे हमारे लिए खड़े होंगे या नहीं।"
होर्मुज में जहाज पर ईरान का हमला
ब्रिटिश सेना ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक और जहाज पर हमला हुआ है। यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स एजेंसी (UKMTO) का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुज़रते समय एक टैंकर किसी अज्ञात चीज़ (प्रोजेक्टाइल) की चपेट में आ गया। UKMTO ने बताया कि टैंकर को "ढांचे का नुकसान" (स्ट्रक्चरल डैमेज) हुआ है, लेकिन इसमें किसी के हताहत होने या पर्यावरण पर कोई असर पड़ने की खबर नहीं है।
कतर ने की निंदा, ईरान बंद करे ये सब
कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजेद अल-अंसारी ने सोमवार रात होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुज़रते समय 'अल रेकयात' टैंकर को निशाना बनाए जाने की निंदा की है। एक्स (X) पर एक पोस्ट में, अल-अंसारी ने कहा, यह हमला अंतर्राष्ट्रीय नौवहन (navigation) की सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा के ख़िलाफ़ एक आक्रामकता है। उन्होंने आगे कहा कि, यह अंतर्राष्ट्रीय क़ानून के प्रावधानों का गंभीर और स्पष्ट उल्लंघन है, ख़ासकर उन नियमों का जो अंतर्राष्ट्रीय जलडमरूमध्य में समुद्री नौवहन की आज़ादी और सुरक्षित आवाजाही की गारंटी देते हैं।
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