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कश्मीरी पंडितों की स्थाई वापसी के लिए उनमें विश्वास भरना जरूरी: महबूबा

 Written By: India TV News Desk
 Published : Jun 12, 2016 09:34 pm IST,  Updated : Jun 12, 2016 09:34 pm IST

जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने रविवार को कहा कि कश्मीरी पंडितों की घाटी में स्थाई वापसी के लिए उनके मन में विश्वास बिठाना जरूरी है।

Mehbooba Mufti
- India TV Hindi
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तुलमुला (जम्मू कश्मीर): जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने रविवार को कहा कि कश्मीरी पंडितों की घाटी में स्थाई वापसी के लिए उनके मन में विश्वास बिठाना जरूरी है और मौजूदा हालात ऐसे नहीं हैं कि वे अपने पैतृक स्थानों पर रह सकें। महबूबा ने श्रीनगर से करीब 25 किलोमीटर दूर स्थित माता खीरभवानी मंदिर में दर्शन करने के बाद यहां संवाददाताओं से कहा, मैं कश्मीरी पंडितों से केवल यही अपील करंगी कि उन्हें हम पर भरोसा करना चाहिए और दुआ करनी चाहिए। हम यहां शांति बनाने की कोशिश कर रहे हैं। कश्मीरी पंडितों के बिना कश्मीर अधूरा है।

उन्होंने कहा कि वे लोग अपने पैतृक स्थानों पर लौटें, उससे पहले उनके बीच विश्वास भरने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने कहा, उनके बीच विश्वास भरने के लिए पहले उन्हें ट्रांजिट शिविरों में लाया जाएगा, जहां हमारे मुस्लिम विस्थापित भी उनके साथ रहेंगे। उनका विश्वास मजबूत होने के बाद वे जहां चाहें, वहां रह सकते हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात ऐसे नहीं है कि कश्मीरी पंडित अपने पैतृक स्थानों पर रह सकें। उन्होंने दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले की शनिवार रात की पथराव की घटना का जिक्र किया जहां एक पुलिस चौकी पर पत्थर फेंके गए। खीरभवानी मंदिर में उत्सव के लिए कश्मीरी पंडितों को लेकर जा रहा एक वाहन पथराव की चपेट में आ गया था।

महबूबा ने कहा कि नेशनल कांफ्रेंस हो या अन्य दल हों, जो भी यह कह रहे हैं कि पंडितों को उनके पैतृक स्थानों पर बसाया जाए, उन्हें सोचना चाहिए कि क्या हालात अभी इतने सही हैं कि कश्मीरी पंडित शनिवार की घटना के बाद वहां रह सकते हैं। उन्होंने कहा कि कश्मीर में पथराव के लिए कुछ लोग गरीब परिवारों के बच्चों का इस्तेमाल कर रहे हैं और कश्मीर की जनता को इस पर विचार करने की जरूरत है। उन्होंने कहा, कश्मीर में कुछ तत्व हैं जो असामाजिक हैं और पथराव के लिए गरीब जनता का इस्तेमाल कर रहे हैं। जिन गरीब बच्चों का इस्तेमाल किया जा रहा है, वे हमेशा समाज के लांछनों का सामना करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन बच्चों को शिक्षित होने और जीवन में कुछ हासिल करने के बाद भी पत्थर फेंकने वाला कहा जाएगा। उन्होंने इस साल खीरभवानी मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या पर भी संतोष प्रकट किया। महबूबा ने कहा, मुझे लगता है कि इतनी बड़ी संख्या में यहां आकर और यहां के लोगों से मिलकर विश्वास बढ़ेगा और धीरे धीरे समय आएगा जब ये लोग यहां के जीवन में लौटेंगे। कश्मीरियत की भावना का आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री ने मंदिर में उत्सव में भाग लेने के लिए स्थानीय मुस्लिमों की भी प्रशंसा की।

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