नई दिल्ली: संसद का 18 जुलाई से शुरू हुआ मानसून सत्र आज अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया। इस सत्र में विपक्ष के सहयोग के चलते सरकार को बहुप्रतीक्षित जीएसटी संबंधित संविधान संशोधन विधेयक सहित कई महत्वपूर्ण विधेयक पारित कराने में सफलता मिली जबकि जम्मू कश्मीर के बारे में एक संकल्प को दोनों सदनों में ध्वनिमत से पारित किया गया।
लोकसभा एवं राज्यसभा की कार्यवाही आज भोजनावकाश से पहले ही राष्ट्रगीत की धुन बजाये जाने के बाद अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गयी। लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने सत्र को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने से पहले जहां अपने पारंपरिक संबोधन में कहा कि इस दौरान कुछ महत्वपूर्ण विधायी एवं वित्तीय कामकाज किये गये वहीं राज्यसभा के सभापति हामिद अंसारी ने सत्र को काफी रचनात्मक करार दिया।
मानसून सत्र के दौरान सरकार को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संबंधी संविधान का 122वां संशोधन विधेयक को सर्वसम्मति से राज्यसभा में पारित कराने में सफलता मिली। सरकार ने विपक्ष की बातों को मानते हुए इसमें कुछ संशोधन किए। इन नये संशोधनों के कारण इस विधेयक पर लोकसभा की फिर से मंजूरी ली गयी। सत्र के दौरान दोनों सदनों में पारित अन्य महत्वपूर्ण विधेयकों में भारतीय चिकित्सा परिषद संशोधन विधेयक 2016, दंत चिकित्सक संशोधन विधेयक 2016, बाल श्रम रोकथाम एवं नियमन संशोधन विधेयक 2016, बेनामी लेनदेन रोकथाम विधेयक 2015, ऋण वसूल से संबंधित संशोधन विधेयक शामिल थे।
दोनों सदनों में जम्मू कश्मीर के ताजा घटनाक्रमों पर अलग-अलग चर्चा हुई जिनका जवाब गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने दिया। दोनों ही सदनों ने कश्मीर की मौजूदा स्थिति के संबंध में सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर राज्य में समाज के हर वर्ग से शांति एवं सौहार्द जल्द स्थापित करने के लिए गंभीरता से काम करने और लोगों विशेषकर युवाओं में विश्वास बहाली की प्रतिबद्धता जतायी।
लोकसभा में अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा से पूर्व मानसून सत्र में संपन्न कामकाज की जानकारी सदन के समक्ष रखी। इस दौरान 2016..17 के लिए अनुदान की अनुपूरक मांगों एवं संबंधित विनियोग विधेयक को पारित किया गया जिस पर 4 घंटे 53 मिनट चर्चा हुई। अध्यक्ष ने कहा कि सत्र के दौरान 14 सरकारी विधेयक पेश किये गए और 13 विधेयक पारित हुए। बैठक के दौरान सदस्यों ने देर तक बैठकर लोक महत्व के 618 विषयों को उठाया। सदस्यों ने नियम 377 के तहत भी 367 विषय उठाये।
अध्यक्ष ने कहा कि सत्र के दौरान नियम 193 के तहत कश्मीर घाटी में हाल की हिंसा, मूल्य वृद्धि, टिकाऊ विकास लक्ष्य और दलितों पर अत्याचार के विषय पर चर्चा हुई और तीन विषयों पर मंत्री ने जवाब दिया। इस दौरान ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से दो विषय उठाये गए। सदन में सदस्यों ने 84 निजी विधेयक पेश किये।