नई दिल्ली: कोलकाता में टीपू सुल्तान मस्जिद के शाही इमाम मौलाना नरुल रहमान बरकती ने विवादित बयान दिया है। बरकती ने मुस्लिम समुदाय से आरएसएस में जाने वाले मुस्लिमों को पीटने को कहा है। बरकरती ने कहा, 'बतौर शाही इमाम मैं घोषणा करता हूं कि जो कोई भी मुसलमान भाजपा या आरएसएस का समर्थन करेगा उसकी पिटाई होगी और फिर उसे समुदाय से बाहर कर दिया जाएगा। ब्रिटिश शासन के खिलाफ जैसा जिहाद किया गया था वैसा ही आरएसएस और भाजपा के खिलाफ भी किया जाएगा।' (ये भी पढ़ें: ये हैं भारत की महिला राजनेता जो अपने ग्लैमरस लुक के लिये भी हैं मशहूर)
इतना ही नहीं पूरे देश में लाल बत्ती बंद होने के बावजूद बरकती का कहना है कि कुछ भी हो जाए वो अपनी गाड़ी से लाल बत्ती नहीं हटाएंगे। मौलाना इस प्रतिबंध को धता बताते हुए इसे 'ब्रिटिश इंडिया' द्वारा दिया गया अधिकार बताया और इसे उतारने से मना कर दिया।
बरकरती ने कहा है कि मैं शाही इमाम हूं और इसलिए मैं अदालत के आदेश के बावजूद लाल बत्ती नहीं छोडूंगा, शाही इमाम सीपीआई (एम) की अवधि के बाद से ‘लाल बत्ती’ का इस्तेमाल कर रहे हैं और किसी ने इसके लिए कभी भी विरोध नहीं किया है। सरकार को लाल बत्ती पर प्रतिबंध लगाने का कोई अधिकार नहीं है। मंत्री लोगों के घर जाते हैं और वोटों के लिए भीख मांगते हैं, इसलिए उन्हें लाल बत्ती का इस्तेमाल करने का कोई अधिकार नहीं है।
बरकती ने कहा कि पश्चिम बंगाल की वर्तमान सरकार हमारे द्वारा लाई गई है। ममता बनर्जी जी खुद लाल बत्ती का इस्तेमाल नहीं करती हैं लेकिन ममता ने मुझसे लाल बत्ती का इस्तेमाल करने के लिए कहा है। पश्चिम बंगाल देश के बाकी हिस्सों से भिन्न है, यहां राज्य सरकार द्वारा नियम और विनियमों का निर्णय लिया जाता है न कि केन्द्र सरकार द्वारा। यहां, राज्य सरकार ने हमें ‘लाल बत्ती’ का उपयोग करने की अनुमति दी है।
ये भी पढ़ें: क्या होता है महिलाओं में ख़तना-प्रथा? रोकने के लिये सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा मामला....
ये हैं भारत के Top 5 ‘चोर बाजार’, यहां मिलता हैं सब कुछ
ये हैं भारत के सबसे महंगे स्कूल, फीस जानकर उड़ जाएंगे आपके होश....