नयी दिल्ली। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने केंद्रीय आयुध डिपो से ‘क्लाशनिकोव असॉल्ट राइफल’ (एके 47) की कथित तस्करी मामले में बड़ी कार्रवाई की है। एनआईए ने नक्सलियों एवं आपराधिक गिरोहों को इन हथियारों की आपूर्ति के मामले में बिहार के पूर्व विधान परिषद सदस्य के आवास समेत उत्तर प्रदेश और बिहार के 12 स्थानों पर छापेमारी की।
Related Stories
अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को बताया कि मुख्य आरोपी शमशेर आलम की बहन रिजवाना बेगम के घर से बिहार पुलिस द्वारा एके-47 समेत अन्य हथियार कथित तौर पर बरामद किए जाने के बाद एजेंसी ने मामले को अपने हाथ में ले लिया था। रिजवाना बेगम की भी इस मामले में मिलीभगत है।
उन्होंने बताया कि पिछले साल मामले को अपने हाथ में लेने के बाद से एजेंसी केंद्रीय आयुध डिपो, जबलपुर से तस्करी की गई कुल 22 एके राइफल्स को पहले ही बरामद कर चुकी है।
एनआईए के प्रवक्ता ने बताया, “इस मामले में, एके-श्रृंखला के हथियारों समेत कई अन्य प्रतिबंधित हथियारों की चोरी की गई थी और जबलपुर की केंद्रीय आयुध निर्माणी से तस्करी कर विभिन्न नक्सल संगठनों एवं आपराधिक गिरोहों को दिए गए।”
उन्होंने बताया कि जांच के दौरान एकत्रित किए गए विश्वसनीय साक्ष्यों के आधार पर बक्सर, भोजपुर, रोहतास, वाराणसी एवं पटना के विभिन्न स्थानों पर पूर्व विधान परिषद सदस्य हुलास पांडे और उनके करीबी सहयोगियों के घरों पर बृहस्पतिवार को छापेमारी की गई।