देहरादून: नियंत्रण रेखा के पार आतंकवाद निरोधक कार्रवाई के बाद अपने पहले बयान में रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने पाकिस्तान की हालत की तुलना सर्जरी के तुरंत बाद थोड़ी देर के लिए कोमा में चले गए रोगी से की। इसके अलावा पर्रिकर ने कहा कि हनुमान की तरह भारत की सेना को अपनी शक्तियों का पता चल गया है।
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शनिवार को पर्रिकर ने कहा, ‘सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान की हालत सर्जरी के तुरंत बाद कोमा में चलए गए रोगी की तरह है जिसे नहीं मालूम कि उसकी सर्जरी हो चुकी है। भारतीय सेना की कार्रवाई के दो दिन बाद भी पाकिस्तान को नहीं पता कि क्या हुआ है।’ उन्होंने कहा कि भारत शांति को पसंद करता है और अनावश्यक हमले में विश्वास नहीं करता लेकिन वह आतंकवाद को स्वीकार नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि हमले का उद्देश्य पाकिस्तान को संदेश देना था कि भारत के सैनिक पलटवार करना जानते हैं।
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सेना की तुलना हनुमान से करते हुए उन्होंने रामायण का जिक्र किया जिसमें हनुमान को जामवंत द्वारा उनकी असाधारण शक्तियों के बारे में याद दिलाने पर वह समुद्र लांघ गए। पर्रिकर ने कहा, ‘भारतीय सेना हनुमान की तरह है जो सर्जिकल स्ट्राइक से पहले अपनी ताकत के बारे में नहीं जानती थी।’ सटीक कार्रवाई के लिए सेना को बधाई देते हुए मंत्री ने कहा कि उन्होंने अद्वितीय कार्य के लिए सभी सैनिकों को बधाई दी है। हमले के बाद पहली सार्वजनिक प्रतिक्रिया में पर्रिकर ने कहा, ‘सर्जिकल स्ट्राइक से हमारे सैनिकों को उनकी क्षमता का अंदाजा लगा। हमले के बाद पाकिस्तान भौंचक्का है और समझ नहीं पा रहा है कि क्या प्रतिक्रिया दे।’
पर्रिकर ने पौड़ी जिले के पीठसेन में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘पाकिस्तान के अधिकारियों को भनक लगे बगैर हमारे कमांडो ने मनचाहा काम कर दिया।’ उत्तराखंड के स्वतंत्रता सेनानी वीर चंद्र सिंह गढ़वाली की प्रतिमा का उनके पैतृक गांव पीठसेन में अनावरण करते हुए रक्षा मंत्री एक सभा को संबोधित कर रहे थे। भारत ने नियंत्रण रेखा के पार सात आतंकवादी ठिकानों पर 28-29 सितंबर की रात को सर्जिकल स्ट्राइक की थी जिसमें पीओके के आतंकवादियों को काफी नुकसान पहुंचा था।