नई दिल्ली: पीएम मोदी के 500 और 1000 के पुराने नोट बंद करने के ऐलान से लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई है। आज से बैंको में भी ये नोट बदलने के लिए लोगों को अच्छी खासी मशक्कत करने पड़ रही है। पीएम मोदी के एस कदम से ब्लैक मनी रखने वाले लोगों के साथ-साथ अंडरवर्ल्ड और आईएसआई में चौंक गई है। कि आखिर ऐसे कैसे हो सकता है। उन्हें तो संभलने का मौका भी नहीं मिला। जिसके कारण पीएम मोदी हर जगह सराहना की जा रही है। इतना ही नहीं पाक भी इस कदम से हैरान है।
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मोदी सरकार के 500 -1000 के पुराने नोट बंद होने के फैसले के बाद आईएसआई अब नई साजिश रच रहा है। एक अंग्रेजी अखबार के अनुसार जहां आईएसआई भी तक 500 और 1000 के जाली नोट छापने में ध्यान दें रहा था। वहीं अभ वह जाली नोट बनाने वाले टक्साल से 100 के नकली नोट छापने के लिए कहा है।
अंग्रेजी अखबार के अनुसार, इस काम में जाली नोट के सिंडिकेंट चलाने वालों के साथ-साथ दाउद के लोग लगे हुए हैं। यह टकसाल पाकिस्तान के कराची और पेशावर जैसे शहरों में है। जहां से आसानी से जाली नोटों की छपाई हो जाती है। जिसके कारण इन लोगों को आईएसआई नें 24 घंटे के अंदर 100 के नोट छापने का आदेश दिया है। इसके बाद आईएसआई भारत की सीमा रेखा से नेपाल, पश्चिम बंगाल आदि जगहों से सप्लाई करेंगा। भारत की सुरक्षा एंजेसियां पूरी तरह से तैयार है और वह एक एक सीमा रेखा पर पैनी नजर गड़ाए हुए है। जानिए कैसे आईएसआई रचेगा नापाक साजिश और कैसे भारतीय सुरक्षा एजेंसी रखेगी पैनी नजर।
जानिए ISI की क्या है नापाक साजिश
- ISI के प्रीटिंग प्रेस में अब 100 के जाली नोट छपेंगे।
- 3 सालों से 500, 1000 के नोट पर फोकस था।
- पुराने नोट बैन होने के बाद 100 के नोट छापने के आदेश।
- ISI ने डी कंपनी के इकबाल खाना, अफताब को आदेश दिया।
- 100 के जाली नोट तुरंत छापने के आदेश दिए गए।
- पेशावर का बिजनेसमैन इकबाल जाली नोट का सिंडेकेट चलाता है।
- अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का करीबी है अफताब।
- पेशावर, कराची में जाली नोट छापने के प्रीटिंग प्रेस।
अब आपको बताते हैं आईएसआई के नापाक प्लान पर किसतरह सुरक्षा एजेंसियों की पैनी नजर बनी हुई है।
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