1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. कृषि सुधारों को पीएम मोदी ने बताया बहुत जरूरी, बोले- किसानों को मिलेंगे नए बाजार और नए विकल्प

कृषि सुधारों को पीएम मोदी ने बताया बहुत जरूरी, बोले- किसानों को मिलेंगे नए बाजार और नए विकल्प

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Dec 12, 2020 12:29 pm IST,  Updated : Dec 12, 2020 12:35 pm IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इन रिफॉर्म्स के बाद किसानों को नए बाजार मिलेंगे,नए विकल्प मिलेंगे, टेक्नोलॉजी का लाभ मिलेगा, देश का कोल्ड स्टोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर आधुनिक होगा। इन सबसे कृषि क्षेत्र में ज्यादा निवेश होगा।

pm narendra modi to farmers farm laws will give new market new opportunities । कृषि सुधारों को पीएम - India TV Hindi
कृषि सुधारों को पीएम मोदी ने बताया बहुत जरूरी, बोले- किसानों को मिलेंगे नए बाजार और नए विकल्प Image Source : PTI

नई दिल्ली. देश में खेती-किसानी से जुड़े नए कानूनों के खिलाफ पंजाब और हरियाणा के किसानों के चल रहे आंदोलन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन सुधारों को बहुत जरूरी बताया है। उन्होंने कहा है कि एग्रीकल्चर और इससे जुड़े सेक्टर में खड़ीं दीवारों और अड़चनों को खत्म किया जा रहा है। जिससे कृषि क्षेत्र में ज्यादा निवेश आने से सबसे ज्यादा फायदा किसानों को होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) की 93वीं वार्षिक आम बैठक में कहा, "एग्रीकल्चर सेक्टर और उससे जुड़े अन्य सेक्टर जैसे एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर हो, फूड प्रोसेसिंग हो, स्टोरेज हो, कोल्ड चैन हो इनके बीच हमने दीवारें देखी हैं। अब सभी दीवारें हटाई जा रही हैं, सभी अड़चनें हटाई जा रही हैं।"

पढ़ें- FICCI की सालाना बैठक में पीएम मोदी ने किया कृषि कानूनों का जिक्र, जानिए भाषण की बड़ी बातें

उन्होंने कहा कि इन रिफॉर्म्स के बाद किसानों को नए बाजार मिलेंगे,नए विकल्प मिलेंगे, टेक्नोलॉजी का लाभ मिलेगा, देश का कोल्ड स्टोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर आधुनिक होगा। इन सबसे कृषि क्षेत्र में ज्यादा निवेश होगा। इन सबका सबसे ज्यादा फायदा देश के किसान को होने वाला है। आज भारत के किसानों के पास अपनी फसल मंडियों के साथ ही बाहर भी बेचने का विकल्प है। आज भारत मे मंडियों का आधुनिकीकरण तो हो ही रहा है, किसानों को डिजिटल प्लेटफार्म पर फसल बेचने और खरीदने का भी विकल्प दिया है।

पढ़ें- किसानों ने फ्री किया करनाल का बसताड़ा और अंबाला का शंभू टोल प्लाजा

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "अलग-अलग सेक्टर में दीवारें नहीं ब्रिज (पुल) चाहिए। ताकि वे एक दूसरे का सपोर्ट कर सकें। बीते वर्षों में इन दीवारों को तोड़ने के लिए प्रयास किए गए हैं। देश के कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए बीते वर्षों में तेजी से काम किए गए है। उससे भारत का एग्रीकल्चर सेक्टर पहले से कहीं अधिक वाइब्रेंट हुआ है।"

पढ़ें- शरजील इमाम, उमर खालिद के पोस्टर और किसान आंदोलन? कृषि मंत्री ने उठाया सवाल

प्रधानमंत्री ने कहा कि ये निश्चित है कि 21वीं सदी के भारत की ग्रोथ को गांव और छोटे शहर ही सपोर्ट करने वाले हैं। आप जैसे एंटरप्रोन्योर्स को गांव और छोटे शहरों में निवेश का मौका बिल्कुल नहीं गंवाना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी ने कोरोना काल के दौरान सरकार के प्रयासों की चर्चा की। उन्होंने कहा कि हमेशा से वैश्विक महामारी के साथ एक इतिहास, एक सबक जुड़ा रहा है। जो देश ऐसी महामारी के समय अपने ज्यादा से ज्यादा नागरिकों को बचा ले जाता है, उस देश की बाकी सारी व्यवस्थाएं उतनी ही तेजी से सुधरती हैं। भारत ने अपने नागरिकों के जीवन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। आज इसका नतीजा देश भी देख रहा है, दुनिया भी देख रहा है। (IANS)

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत