नई दिल्ली: राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने आज राजधानी के प्रगति मैदान में आयोजित भारत के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले का उद्घाटन किया। इस वार्षिक मेले में इस बार 27 देशों की 150 से अधिक कंपनियां भाग ले रही हैं। इस वर्ष मेले का मुख्य विषय डिजिटल इंडिया है और यह 27 नवंबर तक चलेगा।
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राष्ट्रपति ने उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कहा, डिजिटल प्रौद्योगिकी, ई-कॉमर्स और मोबाइल सेवाएं ई-गवर्नेंस (सरकारी सेवाओं की ऑन-लाइन व्यवस्था) का मुख्य अंग हैं और आने वाले समय में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि में इनका महत्वपूर्ण योगदान होगा। राष्ट्रपति ने कहा कि राजकाज की ई-संचालन व्यवस्था के लिए सरकार की हाल की पहलों का परिणाम दिखने लगा है और सरकारी सेवाएं देने का काम अधिक दक्ष और कारगर हुआ है।
प्रणब ने कहा कि देश इस समय विभिन्न क्षेत्रों में विनिर्माण के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित होने का प्रयास कर रहा है। ऐसे में भारत को अपनी उर्जा की बढ़ती जरूरत का इंजाम इस ढंग से करना चाहिए कि पर्यावरण के मुद्दों पर कोई समझौता नहीं करना चाहिए। राष्ट्रपति ने कहा, जनसंख्या, विकास और शहरीकरण से संसाधनों की उपलब्धता पर जबरदस्त दबाव पड़ रहा है। संसाधनों के वृहद पैमाने पर इस्तेमाल से पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। ऐसे में जरूरी है कि उद्योग क्षेत्र परिस्थिति को बचा कर चलने वाले उपाय और प्रौद्योगिकी अपनाए।
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा कि जीएसटी समेत तरह तरह के जो सुधार किए जा रहे हैं उनसे राज्यों और केंद्र शासित क्षेत्रों के एक दूसरे के साथ निवेश और कारोबार के अवसरों को आकर्षित करने में अपास में प्रतिस्पर्धा का अवसर मिलेगा। राष्ट्रपति ने कहा, उम्मीद है कि इन पहलों से मध्यावधि और दीर्घकाल में रोजगार अवसर बढेंगे और इससे अर्थव्यवस्था की वृद्धि के आवेग तेज होंगे। उन्होंने भारतीय अतंरराष्ट्रीय व्यापार मेले को नए भारत की एक वृहद परियोजना बताया जो तेजी से आकर ले रहा है।
प्रणब ने कहा, मुझे विश्वास है कि आईआईटीएफ (व्यापार मेले) से भारत की कंपनियों की छाप और मजबूत होगी। इन ब्रांडों को पहले अपने घरेलू बाजार में ही मजबूत अंतरराष्ट्रीय ब्रांडों से प्रतिस्पर्धा करनी होगी तथा उसके बाद देश के बाहर के बाजारों में कदम रखना होगा। उन्होंने कहा कि यह व्यापार मेला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गयी मेक इन इंडिया और डिजिटल इंडिया जैसी पहलों के परिप्रेक्ष्य में देश में निवेश के बड़े अवसरों की झांकी प्रस्तुत करता है जिनकी कोई बराबरी नहीं है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि 36वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला निवेशकों, विनिर्माताओं और खुदरा कारोबारियों के बीच कारोबार में मेलजोल और संगति को बढावा देगा। उन्होंने कहा कि हाल में आयोजित ब्रिक्स और बिम्सटेक शिखर सम्मेलनों से अच्छी सद्भावना उत्पन्न हुई है जो पूरी दुनिया में देशों के साथ आर्थिक, सांस्कृतिक और सामाजिक संबंध मजबूत करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।