1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. पंजाब, हरियाणा में शार्ट शर्किट से जल जाती हैं किसानों की फसलें

पंजाब, हरियाणा में शार्ट शर्किट से जल जाती हैं किसानों की फसलें

 Written By: IANS
 Published : Apr 15, 2017 07:49 am IST,  Updated : Apr 15, 2017 07:49 am IST

पंजाब और हरियाणा जैसे कृषि प्रधान राज्यों के किसानों को अक्सर उनकी फसलों के पुआल जलाने पर पर्यावरण और स्वास्थ्य संबंधी चिन्ताओं के लिए दोषी ठहराया जाता है, लेकिन कई सारे किसानों की खड़ी फसलें बगैर उनकी किसी गलती के जल जाती हैं

Punjab Farmers- India TV Hindi
Punjab Farmers

चंडीगढ़: पंजाब और हरियाणा जैसे कृषि प्रधान राज्यों के किसानों को अक्सर उनकी फसलों के पुआल जलाने पर पर्यावरण और स्वास्थ्य संबंधी चिन्ताओं के लिए दोषी ठहराया जाता है, लेकिन कई सारे किसानों की खड़ी फसलें बगैर उनकी किसी गलती के जल जाती हैं और उसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ता है। पंजाब और हरियाणा के सैंकड़ों एकड़ गेहूं के खेतों में बिजली की शार्ट सर्किट के कारण आग लगने की घटनाएं सामने आई हैं। इसका कारण मुख्यत: हाई टेंशन तारों का खेतों के ऊपर से गुजरना है, जहां शार्ट सर्किट होने से खेतों की फसल में आग लग जाती है।(भाजपा के पूर्व मंत्री की बेटी ने इंटरनेट पर मचाई सनसनी, 12 लाख हैं चाहने वाले)

पंजाब के पटियाला जिले में करीब 200 एकड़ की फसल पिछले सप्ताह शार्ट सर्किट के कारण आग लगने से खाक हो गई। पटियाला जिले के किसान जागीर सिंह ने आईएएनएस से कहा, "शार्ट सर्किट कभी भी हो जाती है, चाहे दिन हो या रात। दिन में अगर आग लगती है तो किसी न किसी की उस पर नजर पड़ जाती है और आग पर काबू पा लिया जाता है। लेकिन अगर रात में ऐसा होता है तो भारी नुकसान हो जाता है।"

वह कहते हैं, "हमने बिजली विभाग को कई बार शिकायत की है कि वे ढीले पड़े ओवरहेड बिजली के तार को बदलें, क्योंकि उनमें आपस में टकराने पर शार्ट सर्किट होता है और आग लगती है। लेकिन विभाग के अधिकारी ध्यान नहीं देते। पिछले साल भी इससे भारी नुकसान हुआ था।"

पिछले हफ्ते किसानों ने शार्टस*++++++++++++++++++++++++++++र्*ट से लगी आग के कारण पांच एकड़ में लगी फसल तबाह होने के बाद संगरूर-पाटियाला राजमार्ग को सोहिया गांव के पास कुछ समय के लिए जाम कर दिया था। झेवरमाजरा गांव के किसान बलविंदर सिंह कहते हैं, "ऐसी ही घटना पिछले साल भी हुई थी। अधिकारी पुराने पड़ चुके बिजली के तारों को बदलने में नाकाम रहे हैं।"

पंजाब राज्य विद्युत निगम लिमिटेड (पीएसपीसीएल) के अधिकारियों ने कहा कि वे खराब पड़ चुके तारों को बदलने की कोशिश करते हैं, लेकिन कई बार इस काम में समय लग जाता है। पीएसपीसीएल के कार्यकारी इंजीनियर ने आईएएनएस को बताया, "जब भी किसानों और ग्राम पंचायतों से खराब या ढीले बिजली के तारों की शिकायत मिलती है। हम उन्हें प्राथमिकता के आधार पर बदलने की कोशिश करते हैं। हालांकि कई बार इसमें देरी हो जाती है और किसानों को नुकसान होता है।"

भटिंडा जिले के किसान गुरजंत सिंह ने कहा, "अग्निशमन विभाग की गाड़ियां एक घंटे बाद पहुंचती है। कई बार तो इससे ज्यादा भी समय लग जाता है। इस दौरान आग काफी फैल जाती है। कई बार ग्रामीण स्थानीय संसाधनों से आग बुझाने का काम करते हैं।" बुधवार को भटिंडा जिले के चुगटे खुर्द गांव में 23 एकड़ जमीन में लगी गेहूं की फसल बिजली के शार्ट सर्किट के कारण तबाह हो गई। राजस्व अधिकारी इस नुकसान का आकलन कर रहे हैं, ताकि अधिकारी किसानों को कुछ मुआवजा दे सकें। हरित क्रांत करने वाला राज्य पंजाब जहां देश का कुल 1.54 फीसदी भौगोलिक क्षेत्र हैं। वह देश के खाद्यान्न जरूरत का करीब 50 फीसदी हिस्सा पूरा करता है। पड़ोसी राज्य हरियाणा का खाद्य उत्पादन पंजाब का लगभग 40 फीसदी है।

ये भी पढ़ें: कश्मीर में पत्थरबाजों को जवानों ने सिखाया सबक, Video वायरल

भारत का एक गांव जहां 5 दिनों तक निर्वस्त्र रहती हैं शादीशुदा महिलाएं!

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत