नई दिल्ली: दिल्ली में एक ऐसे सीरियल किलर और रेपिस्ट को पुलिस ने गिरफ्तार किया है जो कई साल से अपनी हैवानियत का खेल, खेल रहा था। अब तक 15 बच्चियों को अपना शिकार बना चुका। ये सीरियल रेपिस्ट काफी मशक्कत के बाद पुलिस की गिरफ्त में आया है। आरोपी ने पुलिस के सामने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, ये सीरियल रेपिस्ट दिल्ली एनसीआर में 5-6 साल की बच्चियों को अपना शिकार बनाता था। उत्तर प्रदेश के बदायूं का रहने वाला ये सीरियल किलर दिल्ली के कराला में उत्सव विहार में रहता था। जानकारी के मुताबिक ये सीरियल किलर साल 2009 से ही इस तरह की घिनौनी वारदात को अंजाम दे रहा था और कुछ दिन पहले ही जेल से छूटकर आया था। पूछताछ में इसने पुलिस के सामने कबूल किया कि अब तक वो 15 लडकियों को अपना शिकार बना चुका है। इनमें 14 लड़कियों का रेप के बाद वो मर्डर भी कर चुका है। अगली स्लाइड में पढ़े एक सीरियल रेपिस्ट का कबूलनामा- 14 जुलाई को पुलिस को एक बच्ची की गुमशुदगी की ख़बर मिली हमने FIR दर्ज कर जांच शुरु की। बच्ची के परिवार भी पुलिस के साथ था दो घंटे के बाद हमें एक घर में बच्ची की लाश मिली वहा से हमे कुछ सबूत हाथ लगे जिनकी मदद से आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया गया। आरोपी के रिकोर्ड को चेक किया गया तो पता चला कि ये पिछले साल भी इस तरह की वारदात को अंजाम दे चुका है। रविन्द्र ने बताया की वो अबतक 15 वारदात को अंजाम दे चुका है। आरोपी बच्चों को ही अपना निशाना बनाता था। कई वारदातो में इसने बच्चों को मार भी डाला। पिछले साल बेगमपूर में एक वारदात में बच्ची बच गई थी क्योकि हमने समय रहते बच्ची की तलाश की जहा एक घर में बच्ची घायल हालात में मिली थी। 14 तारीख को जब हमने बच्ची की खोज कर रहे थे तब एक घर में कुछ कागजात मिले जिसमें ड्राइविंग लाइसेंस था जो आरोपी सन्नी का था। सन्नी से पुछताछ की तो उसने रविन्द्र का नाम बताया। सन्नी ने पुछताछ में पुलिस को बताया कि रविन्द्र ने उसके कागजात छिन लिये थे। जब हमने रिकार्ड चेक किए तो पता चला पिछले साल एक रविन्द्र नाम के लड़का हमने गिरफ्तार किया था। रविन्द्र ही वो ही लड़का था। रविन्द्र ज्यादातर बच्चों को अकेला देख वारदात को अंजाम देता था। वह बच्चों को पैसों का लालच देकर अपने पास बुलाता था। अगली स्लाइड में पढ़े- आरोपी ने कहा और कैसे की दिया वारदात को अंजाम! आरोपी ने कहां और कैसे की दिया वारदात को अंजाम! 2008 में पहली वारदात की। 2009 में एक लड़की के साथ दुश्कर्म किया और उसे मार दिया। 2011 में दो वारादात की जो कंजावाला पास की है। 2012 में यूपी के अलीगढ़ में 5 वारदातों को अंजाम दिया वहा एक विवाह समाहरोह में गया था। 2013 में नोएड़ा में लेबर का काम करा और वही 2 बच्चियों के साथ वारदात की। 2014 में 2 वारदात की जिसमें से एक वारदात समयपूर बादली की है जहां 3 साल की बच्ची के साथ कुर्कम किया और फिर उसकी हत्या कर दी। दूसरी वारदात में बेगमपूर की है जहां आरोपी ने एक बच्ची के साथ कुर्कम किया। आरोपी एक गरीब परिवार से है और ज्यादा पढ़ा लिखा नही है। अभी तक 15 वारदात को अंजाम दिया जो इसने अभी तक बताए है। पुलिस का कहना है कि यह बहोत शातीर तरीके से वारदात को अंजाम देता था। बच्चो का मारने के पिछे दो कारण थे- पहला इसकी पहचान ना हो सके दूसरा कारण था जब बच्चे रोते थे तो वो उनको मार देता था। पुलिस का कहना है कि पांच राज्यों में इसने मामलों को अंजाम दिया है। इसके अलावा अभी रिकार्ड जांचे जा रहे है। इसके खिलाफ अभी तक सात FIR पुलिस को मिल चुकी है। अब तक 15 में से 11 बच्चों को मारने की बात ये कबूल चुका है। कार्ट द्वारा इसे एक हफ्ते की पुलिस रिमाण्ड पर भेज दिया गया है। विक्रमजीत सिंह, डीसीपी, आउटर डिस्ट्रिक्ट, दिल्ली ने कहा कि, "सभी केसे सेक्सुअल असॉल्ट और मर्डर के हैं...इसमें 6 क्राइम दिल्ली के हैं और बाकी वेस्टर्न यूपी के हैं। इसने हमें खुद 15 मामले बताए हैं जिसमें इसने छोटे बच्चों को टारगेट किया है और उसमें बच्चों को असॉल्ट करके मर्डर भी कर देता था ये।" बेगमपुर के इसी इलाके में जैन कॉलोनी में इस परिवार की 6 साल की बच्ची 14 जुलाई को गायब हो गई थी। पुलिस को काफी तलाश के बाद एक तीन मंजिला मकान में लड़की का शव मिला। जांच के दौरान मिले एक बैग के सहारे आरोपी तक पहुंच गई। पूछताछ के दौरान आरोपी ने बच्ची का यौन शोषण करने के बाद उसकी हत्या की बात कबूल की है। फिलहाल ये सीरियल किलर और रेपिस्ट दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में है। पुलिस ये जानने में जुटी है कि आखिर इस सीरियल किलर ने किन-किन जगहों पर ऐसी वारदात को अंजाम दिया है। पुलिस के मुताबिक, रविंद्र ने दिल्ली में साल 2007 में एक फिल्म देखी थी, जिसमें छोटे बच्चों के साथ यौन शोषण होते हुए दिखाया जाता था। फिल्म को देखने के बाद उसने बच्चों को शिकार बनाना शुरू किया। रविंद्र ने सबसे पहली घटना को कांजवाला में 2008 में अंजाम दिया था। यहां उसने 5 साल की बच्ची के साथ यौन शोषण किया था। इस मामले में बच्ची के मां-बाप बहुत गरीब थे इस कारण उन्होने पुलिस में शिकायत नहीं की थी, जिससे कि रविंद्र का हौंसला बढ़ गया। और उसने एक के बाद एक 15 वारदातो को अंजाम दिया। वो ज्यादातर 10 साल तक के बच्चों को निशाना बनाता था। उन्हें लालच देकर अपने साथ ले जाता था और उनके साथ सेक्स करने के बाद उसका गला दबा देता था। उसे डर था कि उसका राज ना खुल जाए। वो 10 महीने पहले ही जमानत पर जेल से छुटा था और उसके बाद उसने बेगमपूर में एक वारदात को अंजाम दे दिया। इस घटना ने एक बाद फिर निठारी कांड की याद दिला दी। आगली स्लाइड में देखिए ख़बर से जुड़ा पूरा वीडियो..