सचिन तेंदुलकर को क्रिकेट का भगवान कहा जाता है। उनसे पहले और बाद में बहुत सारे क्रिकेट आए। वे महान तो बने, लेकिन जो दर्जा सचिन के पास है, वो कभी और कोई हासिल नहीं कर पाए। सचिन ने साल 1989 में अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया था और इसके बाद वे साल 2013 तक खेलते रहे। सचिन के अलावा पृथ्वी शॉ ने भी काफी कम में अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया था, लेकिन वे ज्यादा दिन तक नहीं चल पाए। अब बारी वैभव सूर्यवंशी की है, जो जल्दी ही इंटरनेशनल क्रिकेट के लिए मैदान में नजर आएंगे।
सचिन तेंदुलकर ने 16 साल और 205 दिन की उम्र में किया था इंटरनेशनल डेब्यू
बात अगर सचिन तेंदुलकर की करें तो उन्होंने साल 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ अपना पहला इंटरनेशनल मैच खेला था। तब सचिन की उम्र महज 16 साल और 205 दिन की थी। हालांकि शुरुआती कुछ पारियों में उनका बल्ला नहीं चला, लेकिन जब चला तो फिर उसने रुकने का नाम नहीं लिया। जब कि उन्होंने क्रिकेट को अलविदा नहीं कह दिया। सचिन को इंटरनेशनल क्रिकेट छोड़े हुए करीब 13 साल हो गए हैं, लेकिन ना जाने कितने ही कीर्तिमान ऐसे हैं, जो अभी तक दूसरा कोई खिलाड़ी तोड़ नहीं पाया है।
पृथ्वी शॉ ने 18 साल 329 दिन की उम्र में खेला था अपना पहला इंटरनेशनल मुकाबला
इसके बाद अगर बात पृथ्वी शॉ की करें तो जब उन्होंने इंटरनेशनल डेब्यू किया था, तब ऐसा लगता था कि ये खिलाड़ी भी काफी दूर तक जाएगा, लेकिन कुछ ही दिन में वे अचानक गायब से हो गए। इसके कई कारण रहे। पृथ्वी शॉ ने साल 2018 में जब अपना पहला इंटरनेशनल मैच खेला था, तब उनकी उम्र 18 साल और 329 दिन की थी। लेकिन शॉ अपने इंटरनेशनल करियर में 5 टेस्ट, 6 वनडे और केवल एक टी20 इंटरनेशनल मैच ही खेल पाए। साल 2018 में डेब्यू करने वाले शॉ ने अपना आखिरी मैच साल 2021 में खेला था। उसके बाद वे कहीं ना कहीं खेल तो रहे हैं, लेकिन इंटरनेशनल क्रिकेट से गायब हैं। भारत के लिए टीनएज में खेलने वाले वे अअब तक के आखिरी खिलाड़ी हैं, लेकिन अब साल 2026 में नया इतिहास लिखने जा रहा है।
वैभव सूर्यवंशी आयरलैंड के खिलाफ कर सकते हैं अपना इंटरनेशनल डेब्यू
वैभव सूर्यवंशी आयरलैंड के खिलाफ होने वाली दो टी20 इंटरनेशनल मैचों की सीरीज के लिए भारतीय स्क्वाड में चुने गए हैं। सीरीज का पहला मुकाबला 26 जून दिन शुक्रवार को खेला जाएगा। हालांकि अभी ये कहना मुश्किल है कि वे इस मैच में अपना इंटरनेशनल डेब्यू कर पाएंगे कि नहीं। 26 जून 2026 को 15 साल और 91 दिन के होंगे। अगर वे इसी दिन अपना इंटरनेशनल डेब्यू करते हैं तो फिर एक नया इतिहास लिखा जाएगा। मायने ये रखता है कि खिलाड़ी ने किस तरह का खेल दिखाया और कितने दिन तक क्रिकेट खेला। क्या वैभव सूर्यवंशी सचिन तेंदुलकर की तरह नए नए कीर्तिमान रचेंगे या फिर शॉ की तरह गुमनामी के अंधेरे में खो जाएंगे ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा।
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